
विराट कोहली, जो भारतीय क्रिकेट के एक महान बल्लेबाज माने जाते हैं, उन्होंने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है। 2026 के ताजे आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने एक बार फिर वनडे (ODI) रैंकिंग में दुनिया के नंबर 1 बल्लेबाज के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। यह उनकी निरंतर सफलता और खेल के प्रति समर्पण का स्पष्ट उदाहरण है।
बता दें, कोहली की बल्लेबाजी में जुनून और उच्चतम स्तर पर खेलने की ललक समय के साथ बिल्कुल भी कम नहीं हुई, जबकि क्रिकेट के मैदान पर कई बदलाव आए। पिछले एक दशक से ज्यादा समय में कोहली ने यह साबित किया है कि वह सिर्फ आधुनिक क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि क्रिकेट के इतिहास के सबसे अलग प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भी हैं।
बता दें, उनकी बादशाहत की शुरुआत 2013 में हुई थी, जब उन्होंने दिग्गज खिलाड़ियों जैसे एबी डीविलियर्स, कुमार संगाकारा और तिलकरत्ने दिलशान को पीछे छोड़ते हुए पहली बार वनडे रैंकिंग में नंबर 1 स्थान प्राप्त किया। 2017 में, जब डेविड वॉर्नर और जो रूट जैसे बल्लेबाजों ने संघर्ष किया, तब भी कोहली ने अपनी रैंकिंग कायम रखी। 2019 में, जब प्रतिस्पर्धा और भी कठिन हो गई थी, कोहली ने रोहित शर्मा और फाफ डु प्लेसिस जैसे बल्लेबाजों को पछाड़ते हुए अपने स्थान को बनाए रखा।
बता दें, 2021 में भी जब बाबर आजम, एरोन फिंच और जॉनी बेयरस्टो जैसे बल्लेबाजों ने चुनौती दी, तब भी कोहली ने अपनी बादशाहत बनाए रखी। अब 2026 में, जब युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज जैसे शुभमन गिल, डेरिल मिचेल और श्रेयस अय्यर खेले रहे हैं, कोहली ने फिर से इन सबको पीछे छोड़ते हुए नंबर 1 रैंक हासिल की है। यह उनकी निरंतरता और क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।
वहीं, कोहली के आंकड़े भी उनकी महानता की गवाही देते हैं। हाल ही में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 28000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए और सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। वनडे क्रिकेट में भी, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
कोहली के कई और रिकॉर्ड हैं जो उनके क्रिकेट में योगदान को दर्शाते हैं। उनकी निरंतरता और उच्च प्रदर्शन क्रिकेट के इतिहास में उन्हें एक विशेष स्थान दिलाते हैं।









