
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इज़राइल ने दावा किया है कि ईरान के शीर्ष नेता और प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियत अली लारिजानी मारे गए हैं। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल तेज हो गई है। कतर आधारित मीडिया नेटवर्क अल जज़ीरा ने भी अपनी रिपोर्ट में लारिजानी की मौत की खबर को लेकर इज़राइली दावों का हवाला दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइल ने ईरान के अंदर एक टारगेटेड स्ट्राइक को अंजाम दिया, जिसमें अली लारिजानी को निशाना बनाया गया। इस हमले को हाल के समय का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सीधे ईरान के शीर्ष नेतृत्व को टारगेट करने का दावा किया गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
अली लारिजानी को ईरान की राजनीति का अहम चेहरा माना जाता रहा है। वे लंबे समय तक संसद अध्यक्ष रहे और देश की सुरक्षा व रणनीतिक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनकी मौत की खबर अगर पुष्टि होती है, तो इसका असर न सिर्फ ईरान की आंतरिक राजनीति पर पड़ेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट के समीकरण बदल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष का सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। इससे क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ने की आशंका है और बड़े स्तर पर टकराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।









