
अमेरिका और भारत के बीच में लगातार व्यापारिक रिश्तों में तनाव दिखाई दे रहा है…पहले टैरिफ का मामला और फिर तेल का मामला, लगातार बयानबाजी का दौर चल रहा है…इसी बीच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के रूसी तेल की खरीद पर बयान दिया है, जिसमें उन्होंने यह कहा कि भारत उन्हें खुश करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे व्यक्ति हैं और वे जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं।” ट्रंप का यह बयान रविवार को एयरफोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान आया। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार के मामले में अमेरिका ने भारत पर कई तरह के शुल्क लगाए हैं और यह सुनिश्चित किया है कि उन्हें खुश रखा जाए।
अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, जो पहले 25 फीसदी था। इस फैसले को लेकर भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी, और कहा था कि उसे रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर अमेरिकी संसद में कुछ प्रभावशाली सांसदों ने भारत के पक्ष में प्रस्ताव पेश किया था। डेबोरा रॉस, मार्क वेसी और राजा कृष्णमूर्ति जैसे सांसदों ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को खत्म करने की मांग की है, और कहा कि इस तरह के फैसले से भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान होगा।
साल 2025 में भारत और अमेरिका के रिश्ते कुछ उतार-चढ़ाव से गुजरते रहे हैं। साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने वॉशिंगटन में ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी, जो पहले अच्छे संकेत दे रही थी। लेकिन बाद में व्यापार और शुल्क के मुद्दों पर मतभेद उभरे। ट्रंप ने भारत पर कई बार आरोप लगाया कि वह अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाता है, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों में खटास आई।
इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन ने वीजा नीतियों में कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें एच-1बी वीजा पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के रिश्ते पहले से ही जटिल हो चुके थे, ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क और वीजा नीतियों ने और भी तनाव उत्पन्न किया है।









