कौन है तौकीर रज़ा खान? जिन्होंने बरेली में करा दिया बवाल, विवादों से रहा है पुराना नाता

तौकीर ने सात अक्टूबर, 2001 को राजनीतिक पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल का गठन किया। पार्टी ने अपने पहले नगर निकाय चुनाव में 10 सीटें जीतीं।

यूसीसी, हल्द्वानी केस और ज्ञानवापी मामले को लेकर बरेली में बवाल करने वाले तौकीर रजा का विवादों से पुराना मामला है। वह विवादित बयान देने के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी वह कई बार विवादित बयान देकर चर्चा में आए थे।

तौकीर रज़ा खान एक भारतीय राजनीतिज्ञ और इस्लामी धर्मगुरु हैं। वह सुन्नी मुसलमानों के बरेलवी संप्रदाय के धार्मिक नेता और राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के संस्थापक हैं। वह बरेलवी आंदोलन के संस्थापक अहमद रज़ा खान के परपोते हैं। तौकीर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (जदीद) के प्रमुख भी है।

7 अक्टूबर, 2007 को हुई IMC स्थापना

तौकीर ने सात अक्टूबर, 2001 को राजनीतिक पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल का गठन किया। पार्टी ने अपने पहले नगर निकाय चुनाव में 10 सीटें जीतीं। 2009 के आम चुनाव में तौकीर ने कांग्रेस का समर्थन किया। उनके सहयोग से कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण सिंह ने भाजपा से छह बार के सांसद संतोष गंगवार को हराने में सफल रहे। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में उन्होंने अखिलेश यादव को अपना समर्थन दिया। जबकि 2014 लोकसभा चुनाव में बीएसपी को अपना समर्थन दिया था।

नूपुर मामले में किया था देशव्यापी प्रदर्शन का एलान

नूपुर शर्मा मामले में तौकीर ने देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया था। उन्होंने बरेली के इस्लामिया ग्राउंड में प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसके अलावा ज्ञानवापी को लेकर भी समय-समय पर तौकीर का विवादित बयान सामने आता रहता है।

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