
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि यह देश की युवाओं की आवाज है और हम किसी भी कीमत पर संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे। उन्होंने देश की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और देश के आखिरी व्यक्ति की रक्षा करने की लड़ाई है।
बता दें, रैली के दौरान राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 13.5 करोड़ वोटरों (लगभग 15% वोट) के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। उन्होंने कहा कि सालों से वोट चोरी का खेल चल रहा है। 2024 के चुनावों में एनडीए (NDA) और हमारे बीच महज 3% का अंतर था। इसके साथ ही राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए उनके कृत्यों को देशद्रोह करार दिया और कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना होगा और वे जेल जाएंगे।
विपक्ष के नेता ने आरएसएस और बीजेपी पर देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम हिंसा के नहीं, अहिंसा के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं। देश को नफरत की नहीं बल्कि मोहब्बत की जरूरत है और हम पूरे भारत में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलकर रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ विपक्षी नेताओं की नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं की आवाज है और वे लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करते रहेंगे।









