दुनिया : शी जिनपिंग की सत्ता बरकरार रखने की कवायद शुरू,चल रही है कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की बैठक

सोमवार को CPC की होने वाली इस बैठक से पहले चीन की शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गुणगान में एक लेख प्रकाशित किया। इस लेख में शी जिनपिंग को चीन के लोगों के लिए एक अथक, निस्वार्थ और विद्वान सेवक बताया। सिन्हुआ ने अपने लेख में कहा है कि शी "दृढ़ संकल्पी, कर्मठ, गहन विचारों और भावनाओं वाले व्यक्ति हैं।

सोमवार से चीन के बीजिंग में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) की तीन दिवसीय बैठक चल रही है। इस बैठक में चाइनीज राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अधिकार को और मजबूत करने तथा 2022 में तीसरी बार लगातार सत्ता बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त करने की रणनीति बनायी जा रही है।

वर्तमान में यह CPC के केंद्रीय समिति की 19 वीं बैठक हो रही है। बैठक के इस का छठे सत्र में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना समीक्षा के 100 वर्षों के संघर्षों की प्रमुख उपलब्धियों और ऐतिहासिक अनुभवों पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया जायेगा।

CPC की वर्तमान केंद्रीय समिति 2017 में चुनी गई थी जो 2022 के अंत तक बानी रहेगी। बीजिंग में होने वाली इस बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के लगभग 300 से भी अधिक सदस्य भाग लेंगे।

सोमवार को CPC की होने वाली इस बैठक से पहले चीन की शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गुणगान में एक लेख प्रकाशित किया। इस लेख में शी जिनपिंग को चीन के लोगों के लिए एक अथक, निस्वार्थ और विद्वान सेवक बताया।

चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अपने लेख में कहा है कि शी “दृढ़ संकल्पी, कर्मठ, गहन विचारों और भावनाओं वाले व्यक्ति हैं। सिन्हुआ ने आगे लिखा की शी जिनपिंग विरासत में मिली चीन के इस विशाल परिक्षेत्र के रक्षक और इनोवेटिव सोच रखने वाले व्यक्ति हैं। वो दूरदृष्टि रखने वाले और अथक परिश्रम करने के लिए प्रतिबद्ध व्यक्ति हैं।”

सिन्हुआ ने अपने प्रकशित लेख में यह भी लिखा है कि साल 2020 शुरुआत होने से एक दिन पहले जब कोविड -19 महामारी के संकटरूपी बादलों उत्सव मना रहे थे तो उसके तब शी की रात की नींद हराम थी।”

सिन्हुआ के इस लेख का शीर्षक है “शी जिनपिंग, ऐसा व्यक्ति जिसने सीपीसी (चीन की कम्युनिस्ट पार्टी) को एक नए सफर पर ले गया। चीन की समाचार एजेंसी ने लेख में बताया है कि शी जिनपिंग खुद को बहुत काम समय देते हैं और उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया है जिसके लिए “कड़ी मेहनत से खुशी मिलती है।”

एक राजनीति विज्ञान विशेषज्ञ ने राज्य मीडिया को बताया कि बैठक चार चेतनाओं को फिर से बढ़ाएगी और विश्वास के चार मामलों की फिर से पुष्टि करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पार्टी एक साथ आगे बढ़ेगी।

सिंघुआ विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर यांग ज़ुएदोंग का हवाला देते हुए, ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि साल 2012 में तत्कालीन CPC के गठन के बाद शी जिनपिंग ने पार्टी को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए “चार चेतना” का सिद्धांत सुझाया था जो “विचारधारा, संपूर्ण, मूल और रेखा की चेतना” थे। इसके बाद वर्ष 2021 जब CPC का गठन हुआ तब उसके कार्य योजना के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेज जारी किया गया जो इससे पहले चीन के दो प्रतिष्ठित नेताओं माओत्से तुंग द्वारा 1945 में और दूसरा डेंग शियाओपिंग द्वारा 1981 में जारी किया गया था।

हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपे लेख में बताया गया है कि जब शी ने 2012 में सत्ता संभाली थी तब उन्होंने अपने सामने दो शताब्दी लक्ष्य रखे थे जिसमें चीन को 2021 तक “मध्यम रूप से समृद्ध” समाज बनाना व पार्टी की स्थापना के 100 साल बाद, और 2049 तक एक “महान आधुनिक समाजवादी देश” बनाना था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शी ने घोषणा की थी कि इस साल पार्टी के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पहला लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और इसी संकल्प के साथ दूसरे लक्ष्य को हासिल करने की राह तैयार होने की संभावना है।

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