12 साल, बारह फ़ैसले- 12 फैसले जिन्होंने बदल दी भारत की दिशा और पहचान

26 मई को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे, संकल्प से सिद्धि तक का सफर; अनुच्छेद 370 से राम मंदिर, UPI क्रांति से ग्लोबल साउथ की आवाज़ तक- ऐसे ऐतिहासिक निर्णय जिन्होंने भारत को उभरती शक्ति से वैश्विक नेतृत्वकर्ता बना दिया

नई दिल्ली। 26 मई को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे हो गए। इसे महज़ एक राजनीतिक कार्यकाल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के एक ऐसे अध्याय के रूप में देखा जा रहा है जिसने भारत के आत्मविश्वास को नई परिभाषा दी। ‘संकल्प से सिद्धि’ का मूल मंत्र इन 12 वर्षों की हर बड़ी नीति की आत्मा रहा। प्रस्तुत हैं वे 12 ऐतिहासिक और साहसिक फ़ैसले, जिन्होंने भारत को एक उभरती शक्ति से निकालकर वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका में खड़ा कर दिया।

1. अनुच्छेद 370 और 35A की समाप्ति- ‘एक देश, एक विधान’

दशकों से अटका यह मसला अगस्त 2019 में सुलझा और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँटकर भारतीय संविधान के सारे प्रावधान वहाँ पूरी तरह लागू कर दिए गए। सुरक्षा में सुधार, निवेश के रास्ते और पर्यटन को मिली रफ्तार इस फ़ैसले के ठोस नतीजों के तौर पर सामने आए।

2. अयोध्या में राम मंदिर- आस्था और संविधान का संतुलन

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के बाद सदियों पुराने विवाद का सर्वसम्मत समाधान निकला। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक बनी। अयोध्या आज वैश्विक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रही है।

3. आत्मनिर्भर भारत और मैन्युफैक्चरिंग का उभार

‘मेक इन इंडिया’ के ज़रिए रक्षा से इलेक्ट्रॉनिक्स तक आयात पर निर्भरता घटी। MSME के लिए रियायतें, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और श्रम सुधारों ने भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब की तरफ बढ़ा दिया।

4. कोरोना काल की ‘वैक्सीन विजय’

जब दुनिया वैक्सीन के लिए तरस रही थी, भारत ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड का स्वदेशी विकास किया और 140 करोड़ से अधिक आबादी को टीके लगाकर ‘वैक्सीन मैत्री’ से दूसरे देशों की भी मदद की।

5. डिजिटल इंडिया और UPI क्रांति

UPI ने भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट इकोनॉमी बना दिया। QR कोड ने बैंकिंग की जटिलता खत्म कर हर वर्ग की जेब तक डिजिटल लेन-देन पहुँचाया। आज कई देश इस मॉडल को अपनाना चाहते हैं।

6. GST- ‘एक राष्ट्र, एक कर’

केंद्र और राज्यों के दर्जनों अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर एक साझा कर प्रणाली लागू की गई। इससे व्यापारिक बाधाएँ घटीं और अर्थव्यवस्था औपचारिक और पारदर्शी बनी।

7. इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प- विकसित भारत 2047 की नींव

वंदे भारत ट्रेनों से लेकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और उड़ान योजना तक- बीते 12 वर्षों में हाइवे, रेलवे और एयरपोर्ट का जो जाल बिछा, उसने हर छोटे-बड़े शहर को जोड़ दिया।

8. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- बिचौलियों की छुट्टी

सब्सिडी और योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड खातों में जाने लगा। ‘सही लाभ, सही व्यक्ति तक’ के इस फॉर्मूले ने हज़ारों करोड़ की लीकेज रोकी।

9. मिशन शक्ति और रक्षा आत्मनिर्भरता

2019 में एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत अंतरिक्ष रक्षा क्षमता वाला चौथा देश बना। नेगेटिव इम्पोर्ट लिस्ट और डिफेंस कॉरिडोर जैसे कदमों ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बल दिया।

10. स्वच्छ भारत मिशन- जन-आंदोलन से जीवनशैली तक

दुनिया के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान ने न केवल शौचालयों का निर्माण किया, बल्कि जन-स्वास्थ्य और नागरिक गरिमा की एक नई सोच को जन्म दिया, जिसे वैश्विक सराहना मिली।

11. योग को वैश्विक मान्यता- सॉफ्ट पावर की जीत

भारत के प्रयासों से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली। संयुक्त राष्ट्र में रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन इस बात का प्रमाण है कि भारत की प्राचीन संस्कृति अब वैश्विक धरोहर बन चुकी है।

12. G20 की अध्यक्षता- ग्लोबल साउथ की आवाज़

भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान विकासशील देशों की चिंताओं को केंद्र में रखकर खुद को एक निष्पक्ष और सशक्त वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया।

अब भारत इंतज़ार नहीं करता, एजेंडा तय करता है

ये बारह फ़ैसले महज़ प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भारत के बदले हुए आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। पिछले 12 वर्षों ने साबित कर दिया कि भारत अब दुनिया का इंतज़ार नहीं करता, बल्कि दुनिया के लिए दिशा तय करता है। संभवतः यही कारण है कि विश्व पटल पर भारत की पहचान अब पहले से बिल्कुल अलग और मज़बूत हो चुकी है।

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