योगी कैबिनेट में 27 बड़े फैसले, शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम हुआ ‘परशुरामपुरी’, जानिए स्टार्टअप और नौकरियों पर क्या है बड़ा अपडेट…

लखनऊ में आयोजित योगी कैबिनेट की अहम बैठक में 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' किया गया है। इसके साथ ही स्टार्टअप नीति 2026, पशुधन बीमा योजना, और पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती का लाभ देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज उनके आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक में कई लोक-कल्याणकारी योजनाओं के साथ ही ऐतिहासिक नाम परिवर्तन का भी बड़ा फैसला लिया गया।

जलालाबाद बना ‘परशुरामपुरी’

कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित निर्णय शाहजहांपुर के जलालाबाद तहसील का नाम में परिवर्तन रहा। अब जलालाबाद को ‘परशुरामपुरी’ के नाम से जाना जाएगा। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर की जा रही इस मांग को योगी सरकार ने आज अपनी स्वीकृति दे दी है।

स्टार्टअप और रोजगार पर सरकार का फोकस

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026’ और ‘स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना को मंजूरी दी है। यह नीति प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देगी और नए उद्यमियों को एक मजबूत मंच प्रदान करेगी। साथ ही, खिलाड़ियों के लिए बड़ा एलान करते हुए सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को अब सीधे सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है। इन्हें लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रखते हुए क्रीड़ाधिकारी के 9, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 3 और उप क्रीड़ाधिकारी के 23 पदों पर सीधी भर्ती का लाभ मिलेगा।

श्रमिकों के लिए समर्पित स्वास्थ्य सुविधाएं

कैबिनेट ने श्रमिकों के कल्याण के लिए भी कई बड़े कदम उठाए हैं। गोरखपुर और मुरादाबाद में श्रमिकों के लिए 100-100 बेड के अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, वाराणसी में ईएसआईसी (ESIC) के तहत एक नया मेडिकल कॉलेज स्थापित होगा, जिसके लिए मुफ्त जमीन आवंटन का प्रस्ताव पास किया गया है। इस मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी, जिनमें चयन प्रक्रिया में राज्य सरकार की 18% और केंद्र सरकार की 7% हिस्सेदारी होगी।

पशुधन बीमा योजना का विस्तार

कृषकों और पशुपालकों को राहत देते हुए सरकार ने ‘पशुधन बीमा योजना’ को प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत प्रीमियम में 85% योगदान राज्य सरकार का होगा, जबकि लाभार्थी को केवल 15% अंशदान देना होगा। सरकार के इन फैसलों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम माना जा रहा है।

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