
देश में 49,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली करीब 75 सुरंग एनएचएआई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। बुधवार यानी 4 दिसंबर को सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विश्व सुरंग दिवस 2024 सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस बात की जानकारी दी है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि, “भारत में सुरंग क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हमारे प्रधानमंत्री का सपना भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। इस लक्ष्य के लिए हमें देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा बनाने की जरूरत है। हमारी सरकार ने देश में अच्छे बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।”
सुरंगों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि NHAI ने 20,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 49 किलोमीटर लंबी 35 सुरंग परियोजनाएं पूरी की हैं।
गडकरी ने कहा कि देश में 146 किलोमीटर लंबी करीब 75 सुरंग परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी लागत 49,000 करोड़ रुपये है, जबकि देश में 1.10 ट्रिलियन रुपये की लागत वाली 78 सुरंग परियोजनाएं आने वाली हैं, जो 285 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
उन्होंने कहा कि “दो दिन पहले, मैंने असम के सीएम के साथ बैठक की थी। ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे, हम एक बड़ी सुरंग बनाने की योजना बना रहे हैं। इसलिए, इस उद्योग से जुड़े सभी ठेकेदारों और सलाहकारों के लिए, मुझे लगता है कि इसमें बहुत संभावनाएं हैं। आज सुरंग न केवल सड़क नेटवर्क के लिए बल्कि हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, मेट्रो, रेलवे हर जगह के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है”।









