
सोमवार को पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ महाकुंभ 2025 का शुभारंभ हुआ, जिसमें 1.7 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम के ठंडे जल में आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज में गंगा, यमुना और रहस्यमयी सरस्वती का संगम आध्यात्मिकता, गर्मजोशी और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बन गया। मंत्रोच्चार, ध्यान और प्रार्थना के बीच माहौल में आध्यात्मिक ऊर्जा साफ झलक रही थी।
हेलीकॉप्टरों से श्रद्धालुओं पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई, जिससे वातावरण और दिव्य हो गया। सूर्यास्त के बाद भी लोग त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए उमड़ते रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ को भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक और आस्था व सद्भाव का उत्सव बताते हुए इसकी प्रशंसा की। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विविधता में एकता और भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।









