
Uttar-Pradesh: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपने आपसी राजनीतिक विवादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नहीं लाना चाहिए। उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी विवादों से राज्य और देश की छवि को नुकसान पहुंचता है।
वहीं, अखिलेश यादव ने हाल ही में एक पोस्ट के जरिए पीडीए दिवस को एक नई शुरुआत बताते हुए समाज के विभिन्न वर्गों की स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “पीडीए समाज निर्णय से हर्षित और प्रसन्न हैं।” उनके अनुसार, जो लोग पीड़ित हैं, वही असल में पीडीए हैं और यह सभी लोग अंदर से खुश हैं, जो इस बदलाव के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “जो मजबूरी में अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं, वे भी अब अपनी आवाज उठा सकते हैं।”
वहीं, अखिलेश यादव ने यह भी जोर दिया कि इस निर्णय से पीडीए समाज को एक नया मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा। उनका कहना था कि यह एक ऐसी शुरुआत है, जो समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए अहम साबित होगी।
बता दें, इसके साथ ही अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और भारत में बुलेट ट्रेन की गति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “भारत में बुलेट ट्रेन की रफ्तार कछुए जैसी है, जबकि हमें आधुनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता है।” उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने बुलेट ट्रेन के मुद्दे पर समय पर काम नहीं किया और इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
वहीं, सपा प्रमुख ने दिल्ली-लखनऊ के बीच चल रही खींचतान पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “इस खींचतान को विदेश में उठाना गलत है। आपसी राजनीतिक विवादों को वैश्विक मंच पर नहीं लाना चाहिए।” उनका मानना था कि घरेलू झगड़े को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि इससे देश की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बता दें, अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि “जो लोग अलग दिशा में जा रहे हैं, वे कभी साथ नहीं चल सकते।” यह बयान उन्होंने उन राजनीतिक पार्टियों के बारे में दिया, जो सपा से अलग रुख अपना रही हैं। उनका कहना था कि अगर कोई पार्टी या व्यक्ति अपनी राजनीतिक दिशा में बदलाव करता है, तो वह समाजवादी पार्टी के साथ नहीं चल सकता है।
अखिलेश यादव के इस बयान से यह साफ हो गया कि उनका फोकस समाज के विभिन्न वर्गों की एकजुटता पर है और वे भविष्य में इस दिशा में और भी प्रयास करेंगे।









