
RBI’s new draft framework for digital fraud relief, offering compensation up to 25,000 Rupees. डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ग्राहकों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने डिजिटल ट्रांज़ैक्शन में कस्टमर की जिम्मेदारी सीमित करने से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा के लिए ड्राफ्ट अमेंडमेंट डायरेक्शन जारी किए हैं। इस प्रस्तावित ढांचे का मकसद डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा और तेज़ राहत देना है।
फ्रॉड होने पर कितना मिलेगा मुआवज़ा?
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, यदि कोई ग्राहक 50,000 रुपये तक के डिजिटल फ्रॉड की तुरंत रिपोर्ट करता है, तो उसे नुकसान की भरपाई के रूप में 85 प्रतिशत या अधिकतम 25,000 रुपये (जो भी कम हो) तक मुआवज़ा मिल सकता है। इसका उद्देश्य कम राशि वाले धोखाधड़ी मामलों में ग्राहकों को जल्दी राहत देना है।
फ्रेमवर्क में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं?
RBI ने कहा है कि डिजिटल बैंकिंग के तेजी से बदलते माहौल को देखते हुए मौजूदा नियमों में बदलाव जरूरी हो गया है। 2017 में अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन में ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित करने से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन तब से डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग में बड़ा बदलाव आया है।
प्रस्तावित बदलावों के तहत:
- फ्रॉड वाले इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन की दूसरी श्रेणियों को भी कवर किया जाएगा।
- बैंकों द्वारा शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय को कम किया जाएगा।
- कम मूल्य वाले डिजिटल फ्रॉड मामलों के लिए मुआवज़े की व्यवस्था लागू की जाएगी।
एक साल तक लागू रहेगा मुआवज़ा सिस्टम
RBI के मुताबिक, इन संशोधित निर्देशों के लागू होने के बाद शुरू किया जाने वाला मुआवज़ा तंत्र शुरुआती तौर पर एक साल के लिए लागू रहेगा। इसके बाद मिले अनुभव के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य है कि भविष्य में पीड़ितों को मिलने वाले मुआवज़े में बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए और RBI की भूमिका कम या समाप्त की जाए।
6 अप्रैल तक मांगी गई राय
RBI ने इस ड्राफ्ट पर बैंकों, वित्तीय संस्थानों, विशेषज्ञों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। इच्छुक लोग 6 अप्रैल 2026 तक ईमेल या RBI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं।
मौद्रिक नीति बैठक में हुई थी घोषणा
फरवरी की शुरुआत में हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए कई कदमों की घोषणा की थी। इसमें कम राशि के डिजिटल फ्रॉड मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवज़ा देने के फ्रेमवर्क का प्रस्ताव भी शामिल था।
इसके साथ ही RBI ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए संभावित उपायों पर एक चर्चा पत्र जारी करने की भी बात कही थी।









