
पंजाब सरकार ने मिशन समर्थ 2026-27 की शुरुआत के साथ अपने शिक्षा सुधारों को एक नई दिशा दी है। इस नई पहल के तहत राज्य सरकार ने उपस्थिति संबंधी सुधारों के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का लक्ष्य रखा है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जो पंजाब की शिक्षा क्रांति को और भी अधिक सशक्त बनाएगा।

मिशन समर्थ 4.0 और उपस्थिति ट्रैकिंग सिस्टम
मिशन समर्थ 4.0 के तहत पंजाब ने एक राज्यव्यापी उपस्थिति ट्रैकिंग प्रणाली लागू की है। इसके तहत, अभिभावकों को अपने बच्चे की उपस्थिति के बारे में रोजाना एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलेगी। यह पहल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, उनकी सीखने की निरंतरता को बढ़ाने और उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हमने पंजाब को देश के नेतृत्व से वैश्विक उत्कृष्टता तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। मिशन समर्थ 4.0 के तहत हम अब उपस्थिति ट्रैकिंग और क्लासरूम अभ्यासों को साझा करके शिक्षा के मानकों और जवाबदेही को बेहतर बना रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का योगदान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य का शिक्षा बजट बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया है, जिससे सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार और गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। हरजोत सिंह बैंस ने इस बारे में कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शिता से पंजाब ने शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। अब, हम फंडों को क्लासरूम तक पहुंचाने में सक्षम हैं, जिससे छात्रों को बेहतर संसाधन मिल सकें।”
मिशन समर्थ 4.0 की विशेषताएँ
मिशन समर्थ 4.0 के तहत पंजाब में अब प्रत्येक 6वीं से 8वीं कक्षा के बच्चों को पढ़ने, लिखने और गणित में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों को उनके सीखने के स्तर के अनुसार समूहों में बांटा जाएगा, जिससे उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार शिक्षा प्रदान की जा सके।
इसके अलावा, मिशन समर्थ कंपेंडियम भी जारी किया गया, जिसमें 38 प्रमाणित और सफल क्लासरूम अभ्यासों को साझा किया गया है। इस कंपेंडियम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को बढ़ाना और कमजोर छात्रों को अतिरिक्त मदद देना है।

पंजाब ने परख सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल किया
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब पहले ही परख (प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और समग्र विकास के लिए ज्ञान विश्लेषण) सर्वेक्षण में पहले स्थान पर है। इस सफलता का श्रेय सरकार द्वारा किए गए निरंतर शिक्षा सुधारों और मजबूत जवाबदेही को जाता है।
मनीष सिसोदिया का बयान
मनीष सिसोदिया ने इस अवसर पर कहा, “पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल भी वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं। मिशन समर्थ 4.0 के साथ, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर बच्चा स्कूल में नियमित रूप से जाए और पूरी लगन से शिक्षा प्राप्त करे।”

उन्होंने यह भी कहा, “यह सुधार केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा न हो। अगर कोई बच्चा पीछे रह जाता है, तो सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पाई है।”
शिक्षा में बदलाव और भविष्य की दिशा
पंजाब सरकार का मिशन समर्थ 4.0 शिक्षा में सुधार का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्रों की उपस्थिति, उनके सीखने की प्रक्रिया और क्लासरूम में भागीदारी को बढ़ावा देगा। यह सुधार न केवल सरकारी स्कूलों में बल्कि पूरे राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा।









