
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक कदम उठाते हुए ईरान से उन आठ महिलाओं को रिहा करने की मांग की है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें फांसी दी जा सकती है। ट्रंप ने यह अपील पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली आगामी उच्चस्तरीय बातचीत से पहले की है, जो दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।
बता दें, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “ईरानी लीडर्स, जो जल्द ही मेरे प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे, मैं इन महिलाओं की रिहाई की बहुत तारीफ़ करूंगा।” उन्होंने कहा कि अगर ईरान इन महिलाओं को रिहा करता है, तो यह दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत के लिए एक शानदार शुरुआत होगी। इस पोस्ट में उन्होंने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट इयाल याकोबी का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें इन आठ महिलाओं की तस्वीरें थीं, जिन्हें फांसी की सजा का खतरा बताया गया था।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए अमेरिकी डेलीगेशन पाकिस्तान पहुंचने वाला है। यह वार्ता इस्लामाबाद में दो हफ़्ते के नाजुक सीज़फ़ायर के बाद होने वाली है, और दुनिया भर की नजरें इस पर टिकी हैं। ट्रंप की यह अपील ईरानी लीडर्स को एक संभावित शुरुआत का संदेश देती है, जिससे दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए माहौल तैयार हो सकता है।
एक रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईरानी टीम को इस्लामाबाद भेजने की मंजूरी दी है, जो इस तनावपूर्ण स्थिति में एक बदलाव का संकेत हो सकता है। वहीं, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने इस बात से इनकार किया है कि कोई ईरानी डेलीगेशन पाकिस्तान गया है। इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार दोनों देशों के डेलीगेशनों के स्वागत के लिए हाई-लेवल सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स तैयार कर रही है।
यह वार्ता एक “10-पॉइंट प्लान” पर आधारित होगी, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, बैन में राहत और 2026 के झगड़े को हल करने पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, बातचीत से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर सीज़फ़ायर का पालन नहीं किया गया और कोई डील नहीं हुई, तो “बहुत सारे बम” गिर सकते हैं, जबकि ईरान ने साफ कहा है कि वह खतरे की छाया में बातचीत नहीं करेगा।
इस बातचीत की सफलता के लिए महिलाओं की रिहाई एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, जो इस संघर्ष के बीच पहली मानवीय जीत साबित हो सकती है। दुनिया इस्लामाबाद में होने वाली बैठक के कन्फर्मेशन का इंतजार कर रही है, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।









