अदाणी पब्लिक स्कूल, मुंद्रा के 25 सालों का जश्न: डॉ. प्रीति अदाणी का प्रेरणादायक संबोधन

उनके संबोधन ने न केवल स्कूल के 25 वर्षों की यात्रा को परिभाषित किया, बल्कि शिक्षा के महत्व और संघर्षों को भी उजागर किया।

मुंद्रा, 25 अप्रैल 2026: अदाणी पब्लिक स्कूल, मुंद्रा ने अपनी 25वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई। इस ऐतिहासिक मौके पर डॉ. प्रीति अदाणी ने अपनी भावनाओं और अनुभवों को साझा करते हुए सभी को प्रेरित किया। उनके संबोधन ने न केवल स्कूल के 25 वर्षों की यात्रा को परिभाषित किया, बल्कि शिक्षा के महत्व और संघर्षों को भी उजागर किया।

संबोधन में डॉ. प्रीति अदाणी ने क्या कहा?

डॉ. अदाणी ने कहा, “पिछले 25 वर्षों में अदाणी पब्लिक स्कूल ने अपनी पहचान बनाई है, और यह सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि एक परिवार बन चुका है। मुझे गर्व है कि मैं इस सफर का हिस्सा रही हूं। यह स्कूल मेरे लिए एक सपने की तरह था, जो धीरे-धीरे हकीकत में बदला।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे पहले दिन से लेकर आज तक की यात्रा में कई चुनौतियाँ आईं, लेकिन हम कभी नहीं रुके। जब 2001 में यह सपना देखा था, तो यह सिर्फ एक विचार था। लेकिन उस विचार को साकार करने के लिए हम सबने मिलकर काम किया।”

शिक्षा और संघर्ष का संदेश
डॉ. अदाणी ने बताया कि इस यात्रा के दौरान कई कठिनाइयाँ आईं, जैसे कि भूकंप के बाद उत्पन्न होने वाली असमंजस की स्थिति, लेकिन स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों की मेहनत से यह संस्थान आज एक सफल और प्रौद्योगिकियों के अनुरूप संस्था बन चुका है। उन्होंने अपने पहले प्रमुख, अलका लोकर और अन्य प्रमुखों के योगदान को याद किया, जिन्होंने स्कूल की नींव को मजबूत किया।

स्कूल का भविष्य
डॉ. अदाणी ने कहा, “हमने सिर्फ इमारत नहीं बनाई, बल्कि ऐसे छात्रों को तैयार किया है, जो समाज में एक बड़ा बदलाव ला रहे हैं। हमारे छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल की है, चाहे वह सरकारी सेवा हो, शैक्षिक क्षेत्र हो, या खेलकूद।”

उन्होंने अंत में विद्यार्थियों से कहा, “अपने सपनों को पहचानिए, कड़ी मेहनत कीजिए, और उत्कृष्टता की ओर बढ़ते रहें। सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।”

अदाणी पब्लिक स्कूल, मुंद्रा की 25वीं वर्षगांठ सिर्फ एक मील का पत्थर नहीं, बल्कि यह एक यात्रा का प्रतीक है, जो लगातार विकास और सफलता की ओर बढ़ रही है। डॉ. प्रीति अदाणी का यह संबोधन न केवल स्कूल के गौरवमयी इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि यह भविष्य के लिए प्रेरणा भी देता है।

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