
उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और राजस्व अभिलेखों (सरकारी रिकॉर्ड) में हेरफेर का एक बेहद हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व एमएलसी और पूर्व राज्यमंत्री मुकुल उपाध्याय ने करोड़ों रुपये की जमीन के स्वरूप और स्थिति को बदलने के आरोप में 8 नामजद लोगों समेत राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
इस मुकदमे में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन नगरपालिका चेयरमैन आशीष शर्मा को भी नामजद किया गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों की जमीन हड़पने का प्रयास
दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की। इस हेरफेर का मुख्य उद्देश्य करोड़ों रुपये की कीमती जमीन का मालिकाना हक, स्वरूप और उसकी असल स्थिति को बदलना था, ताकि एक खास पक्ष को अनुचित और अवैध लाभ पहुंचाया जा सके। मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।
2009 में खरीदी गई थी कीमती जमीन, पूर्व मंत्री ने बताई पूरी कहानी
पूर्व राज्यमंत्री मुकुल उपाध्याय द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, यह पूरा विवाद हाथरस की एक बेहद प्राइम लोकेशन पर स्थित जमीन से जुड़ा हुआ है।
मुकुल उपाध्याय की पत्नी रितु उपाध्याय ने 23 सितंबर 2009 को यह भूमि खरीदी थी। जमीन हनुमान प्रसाद पोद्दार के माध्यम से खरीदी गई थी। यह कुल 0.616 हेक्टेयर जमीन है, जो दक्षिण में शंकरलाल मलूक चंद्र व पीडब्ल्यूडी (PWD) ऑफिस से लगी हुई है और पश्चिम में आगरा-अलीगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित है। रजिस्ट्री वाले दिन यानी 23 सितंबर 2009 को ही विक्रेता द्वारा जमीन का भौतिक कब्जा रितु उपाध्याय को सौंप दिया गया था।
पुलिस ने शुरू की जांच, राजस्व कर्मचारियों पर भी गिरेगी गाज!
इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि चूंकि मामला सरकारी दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़ा है, इसलिए राजस्व विभाग की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान सभी बैनामों, खतौनी और सरकारी नक्शों से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले राजनेताओं और सरकारी कर्मचारियों समेत सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।









