
नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच तनाव बढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को उनके सहयोगी दलों की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। विवाद की वजह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन को गले लगाने से राहुल गांधी का इनकार करना बना है।
राहुल गांधी के बयान से शुरू हुआ विवाद
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक के दौरान राहुल गांधी का एक ऑडियो सामने आया, जिसमें वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह पिनराई विजयन को गले नहीं लगाएंगे क्योंकि उनके साथ उनकी राजनीतिक लड़ाई जारी है।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन अगर आप मुझसे कह रहे हैं कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को जाकर गले लगाऊं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि मेरी उनके साथ राजनीतिक लड़ाई जारी है।”
केरल में कांग्रेस और सीपीएम हैं प्रतिद्वंद्वी
केरल में कांग्रेस और सीपीएम लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर दोनों दल भाजपा के खिलाफ INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं।
पिनराई विजयन ने दी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पिनराई विजयन ने कहा कि उनके और राहुल गांधी के बीच गले मिलने की कोई परंपरा नहीं रही है। आमतौर पर दोनों नेता औपचारिक अभिवादन या हाथ मिलाने तक ही सीमित रहते हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी चिंता गले मिलने को लेकर नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संदेश को लेकर है जो राहुल गांधी के बयान से जाता है। उन्होंने इसे INDIA गठबंधन को लेकर राहुल गांधी की सोच से जोड़कर देखा।
CPM नेताओं ने जताई नाराजगी
सीपीएम महासचिव और पूर्व सांसद एम.ए. बेबी ने कहा कि किसी ने राहुल गांधी से पिनराई विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा था, लेकिन उन्हें विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना बंद करना चाहिए।
सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह मुद्दा गले मिलने का नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन की राजनीति और उसकी विश्वसनीयता का है।
वृंदा करात का तीखा बयान
सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने कहा, “हमें किसी के गले मिलने की जरूरत नहीं है। कम्युनिस्टों को गले लगाने की राजनीति नहीं चाहिए, हमें स्पष्ट राजनीतिक सोच चाहिए। राहुल गांधी अपने गले लगाने की राजनीति अपने पास रखें, लेकिन नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पिनराई विजयन जैसे विपक्षी नेताओं का सम्मान जरूर करें।”
बीजेपी ने साधा निशाना
इस विवाद पर भाजपा ने भी INDIA गठबंधन को घेरा है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि INDIA गठबंधन केवल सुविधा का गठबंधन है।
उन्होंने कहा, “INDIA गठबंधन में सिर्फ विभाजन है, कोई मिशन नहीं है। यह गठबंधन केवल कागजों पर है, जमीनी स्तर पर नहीं। फोटो खिंचवाने के लिए लोग साथ आ सकते हैं, लेकिन उनके दिल कभी नहीं मिल सकते।”









