NTA का बड़ा दावा: सुरक्षा के अभेद्य चक्रव्यूह और खास इंतजामों के बीच संपन्न हुई NEET-UG परीक्षा, 5440 सेंटर्स पर कड़े पहरे में टेस्ट…

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET (UG) 2026 री-एग्जाम का सफल आयोजन 21 जून को भारत और विदेश के 5,454 केंद्रों पर किया। 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों की इस परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए टू-लेयर फ्रिस्किंग, जैमर और डिजिटल ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जानिए परीक्षा से जुड़ी बड़ी बातें।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रविवार, 21 जून को देश और दुनिया भर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 री-एग्जाम का सफल आयोजन किया। एनटीए द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस परीक्षा में 20 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए। पूरे देश में कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि विदेशों में 14 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। यह विशाल परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित कुल 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की गई, जिसे सुचारू रूप से पूरा करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों और राज्य सरकारों ने मिलकर काम किया।

एनटीए ने बताया कि इस बार परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और पारदर्शिता के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था थी, जिसे डिजिटल पहचान प्रमाणीकरण के तहत कड़ाई से लागू किया गया। इसके साथ ही केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) मॉनिटरिंग, सिग्नल जैमर और राज्य पुलिस बल की मदद से टू-लेयर फ्रिस्किंग (दो स्तरीय तलाशी) सुनिश्चित की गई। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एनटीए मुख्यालय, शिक्षा मंत्रालय और देश के 34 केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए थे।

दिव्यांग और बीमार बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था, 7 लाख स्टाफ तैनात

परीक्षा के मानवीय और संवेदनशील पहलू को रेखांकित करते हुए एनटीए ने कहा कि 10,000 से अधिक दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। इसके अतिरिक्त, लगभग 81 गंभीर मेडिकल स्थिति वाले छात्रों के लिए अलग से इंतजाम किए गए, जिनमें सड़क दुर्घटना से उबर रहा एक छात्र और कीमोथेरेपी करवा रहा एक अन्य छात्र शामिल था। राज्य सरकारों ने केंद्रों पर छाया, पीने का पानी, एम्बुलेंस और कई स्थानों पर मुफ्त परिवहन की व्यवस्था भी की।

इस पूरी परीक्षा को संपन्न कराने के लिए देश भर में पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर्स) और परीक्षा स्टाफ सहित लगभग 7 लाख अधिकारियों की फौज लगाई गई थी। सबसे खास बात यह रही कि इस महा-परीक्षा की पूरी रूपरेखा मात्र 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में तैयार की गई। एनटीए ने इस कार्य में सहयोग के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, विदेश मंत्रालय, डाक विभाग, भारतीय वायु सेना, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, एनआईसी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय सहित बैंकिंग पार्टनर्स (SBI, PNB, केनरा बैंक, UCO बैंक) का विशेष आभार व्यक्त किया है।

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