नीतीश कुमार ने भी अपनाया ‘परिवारवाद’ का रास्ता, बेटे निशांत कुमार संभालेंगे JDU की कमान, पार्टी बैठक में हुआ बड़ा फैसला!

जदयू की राष्ट्रीय और राज्य परिषद की बैठक में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पार्टी की कमान सौंपने की तैयारी पर मुहर लग गई है। संजय झा और ललन सिंह समेत शीर्ष नेताओं ने इसका खुला समर्थन किया है।

बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अपनी पूरी राजनीतिक जिंदगी में लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के ‘परिवारवाद’ का प्रखर विरोध करने वाले जनता दल यूनाइटेड के सर्वोच्च नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी अंतिम राजनीतिक पारी में आखिरकार उसी रास्ते को अंगीकार करने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। जेडीयू की राष्ट्रीय और राज्य परिषद की उच्चस्तरीय बैठक में यह लगभग साफ हो गया है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ही आने वाले समय में पार्टी की मुख्य कमान संभालेंगे और उसे आगे ले जाएंगे।

पार्टी के भीतर निशांत कुमार को कमान सौंपने की तैयारी की आधिकारिक पुष्टि जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व ने भी कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने बैठक में निशांत के नेतृत्व को लेकर खुलकर अपनी बात रखी और उनका समर्थन किया। बड़ी बात यह है कि इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर, बिहार जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, श्रवण कुमार और अशोक चौधरी जैसे कद्दावर और नीतीश के बेहद करीबी नेताओं ने भी पार्टी की इस नई लाइन पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी है।

निशांत कुमार की राजनीतिक क्षमता पर भरोसा जताते हुए संजय झा ने कहा, “निशांत जदयू का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और वे आने वाले 30-40 वर्षों तक पार्टी को आगे ले जा सकते हैं।” राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को नीतीश कुमार के सबसे बड़े यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है। अब तक जेडीयू और नीतीश कुमार खुद को ‘गैर-परिवारवादी’ राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बताते रहे हैं, लेकिन अब बेटे के राजनीतिक उत्तराधिकार की तरफ बढ़ते कदमों ने बिहार और देश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। विपक्ष को अब नीतीश कुमार पर चौतरफा हमला करने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

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