
लखनऊ: अलीगंज अग्निकांड ने न केवल 14 परिवारों से उनके होनहार बच्चों को छीना है, बल्कि कई अधूरी प्रेम कहानियों को भी राख में तब्दील कर दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाले निलेश और अनामिका की कहानी बेहद मार्मिक है, जो जल्द ही विवाह के बंधन में बंधने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
कार्यस्थल की दोस्ती सगाई में बदली
निलेश और अनामिका, लखनऊ के उसी एनीमेशन सेंटर में साथ काम करते थे जहाँ यह भीषण आग लगी। साथ काम करते हुए दोनों की दोस्ती हुई और देखते ही देखते यह रिश्ता प्यार में बदल गया। परिवार वालों की सहमति के बाद दोनों ने जीवनभर साथ रहने का वादा किया था। हाल ही में दोनों परिवारों के बीच सगाई की रस्में पूरी हो चुकी थीं और अब शादी की तारीख तय करने की प्रक्रिया चल रही थी।
माता-पिता का सपना हुआ चकनाचूर
अनामिका के माता-पिता कुछ ही दिन पहले लखनऊ आए थे ताकि निलेश के परिवार के साथ मिलकर शादी की तारीख और आगे की तैयारियों पर अंतिम मुहर लगा सकें। सब कुछ बेहद सुखद चल रहा था, लेकिन सोमवार को लगी आग ने इस युवा जोड़े के साथ-साथ दोनों परिवारों के भविष्य के सपनों को भी जलाकर राख कर दिया।
जहाँ एक ओर निलेश और अनामिका के साथी और सहकर्मी इस दुखद खबर से स्तब्ध हैं, वहीं उनके परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। शादी के कार्ड छपने की जगह आज उनके घर में मातम पसरा है। यह हादसा न केवल प्रशासनिक चूक की एक बड़ी मिसाल है, बल्कि एक ऐसे परिवार की बर्बादी भी है जो अपनी बेटी-बेटे के आने वाले कल को संवारने के लिए लखनऊ आए थे।









