
बद्रीनाथ/उत्तराखंड : हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक, श्री बद्रीनाथ धाम एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार चर्चा का कारण मंदिर के दान में हुई कथित हेराफेरी और अनियमितताएं हैं। जम्मू-कश्मीर के पुजारी भास्कर पुरोहित ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
चमोली : बद्रीनाथ मंदिर में दान के कथित गबन का मामला
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 9, 2026
➡जम्मू-कश्मीर के पुजारी भास्कर पुरोहित का बयान
➡मई-जून के सीज़न में भ्रष्टाचार चरम पर था
➡फिर भी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई
➡CBI जांच में सब कुछ साफ़ हो जाता- पुरोहित#chamoli #breakingnews #badrinath pic.twitter.com/81CqWKeO5t
भ्रष्टाचार का आरोप
भास्कर पुरोहित ने आरोप लगाया है कि बद्रीनाथ धाम में मई-जून के दौरान दान और चढ़ावे में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार अपने चरम पर था, लेकिन इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक कोई भी आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।” पुरोहित का मानना है कि यदि इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई, तो करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुँचेगी।
CBI जांच की पुरजोर मांग
पुजारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से इसमें CBI को शामिल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि यदि CBI इस मामले की जांच करती है, तो पर्दे के पीछे के सभी चेहरे बेनकाब हो जाएंगे और दान में हुई धांधली का पूरा सच सामने आ जाएगा। उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा, “क्या आपने आज तक बद्रीनाथ में भ्रष्टाचार के मामले में किसी को जेल जाते देखा है?”
भक्तों की बढ़ती चिंता
बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और वहां आने वाले दान के पारदर्शी प्रबंधन को लेकर अब देशभर के श्रद्धालुओं में बेचैनी बढ़ रही है। पुजारी भास्कर पुरोहित द्वारा उठाए गए ये सवाल केवल एक आरोप नहीं, बल्कि मंदिर की व्यवस्था में सुधार की एक बड़ी पुकार बन गए हैं। अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड प्रशासन और मंदिर समिति इस पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और क्या मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी बड़ी जांच के आदेश दिए जाते हैं।









