
गाजियाबाद: जिले में 100 करोड़ रुपये की ठगी कर फरार हुए बिल्डर के मामले में अब पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। ‘भारत समाचार’ पर खबर प्रसारित होने के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ ने मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस पूरे मामले में ‘पुलिसिया खेल’ उजागर होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने नंदग्राम थाने की पूरी पेशी को लाइन हाजिर कर दिया है। इतना ही नहीं, रात के अंधेरे में नंदग्राम कोतवाल को भी लाइन हाजिर कर दिया गया, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि विभाग अब किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
SIT टीम में फेरबदल और नई जांच
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर ने पहले से गठित SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) को पूरी तरह भंग कर दिया है और नए सिरे से टीम का गठन किया गया है। अब यह नई टीम बिल्डर के खिलाफ दर्ज केस की गहनता से जांच करेगी। साथ ही, ठगी का शिकार हुए पीड़ित बायर्स के दोबारा बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि अपराधियों तक पहुंचने के लिए कोई भी सुराग छूट न जाए।
पीड़ितों में जगी न्याय की उम्मीद
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने ठगी का शिकार हुए उन सैकड़ों परिवारों में न्याय की उम्मीद जगा दी है, जो लंबे समय से अपनी जमा-पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे थे। ‘भारत समाचार’ की खबर का असर यह रहा कि अब पुलिस अधिकारी मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें अब विश्वास है कि फरार बिल्डर जल्द ही कानून की गिरफ्त में होगा। गाजियाबाद पुलिस का यह एक्शन अन्य भ्रष्ट या लापरवाह अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।









