
गाजियाबाद: फ्लैट बुकिंग के नाम पर राजनगर एक्सटेंशन में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक करीब 100 बैंक खातों को जांच के दायरे में लिया है। इन सभी खातों में हुए पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच की शुरुआत में पुलिस को करीब 40 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले थे, लेकिन आगे की पड़ताल में यह संख्या बढ़कर करीब 100 तक पहुंच गई है।
पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है
वही SIT की जांच में सामने आया है कि फ्लैट और दुकान दिलाने के नाम पर निवेशकों से रकम वसूलने का काम सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले में प्रॉपर्टी एजेंट और कुछ बिल्डरों की मिलीभगत हो सकती है। पुलिस अब बैंक खातों के बीच हुए ट्रांजेक्शन की कड़ियां जोड़ रही है। जांच इस दिशा में की जा रही है कि निवेशकों से ली गई रकम किन-किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
आरोपियों पर कार्रवाई जारी
इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस कार्रवाई में निधि मक्कड़ को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में अदालत से जमानत मिल गई।
चार आरोपी जेल में बंद हैं
इसके बाद पुलिस ने प्रेमगिल, हनीगिल, सुरभि शर्मा और मानसी प्रकाश को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने चारों की जमानत याचिका खारिज कर दी है और सभी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। फिलहाल पांच आरोपी पुलिस कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं, जिनमें से चार आरोपी जेल में बंद हैं।
वहीं, पीड़ित निवेशकों का आरोप है कि शुरुआती दौर में कार्रवाई धीमी रही, जिसका फायदा उठाकर कुछ आरोपी फरार हो गए। निवेशक लगातार जल्द न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।









