तमिलनाडु में विजय की सरकार का पहला बजट पेश… दुल्हनों को सोने का सिक्का, छात्रों को लैपटॉप… जानें पूरी जानकारी…

तमिलनाडु की TVK सरकार ने पेश किया पहला बजट। दुल्हनों को सोने का सिक्का, छात्रों को लैपटॉप और नवजात शिशुओं के लिए सोने की अंगूठी जैसी कई बड़ी घोषणाएं।

दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में थलापति विजय की राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) की सरकार ने अपना पहला ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। राज्य की वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए युवाओं, महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए कई लोकलुभावन और विकासपरक योजनाओं की घोषणा की है। सरकार ने साल 2031 तक तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है, साथ ही पिछली सरकार पर राज्य का कर्ज दोगुना करने का गंभीर आरोप भी लगाया है।

इस बजट की सबसे बड़ी और खास घोषणा ‘अन्नन सीर थिट्टम’ रही, जिसके तहत राज्य की पात्र दुल्हनों को शादी के अवसर पर 8 ग्राम का सोने का सिक्का और एक शानदार सिल्क साड़ी देने का ऐलान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 812 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड आवंटित किया है। इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के लिए ‘सोने की अंगूठी’ देने की योजना के वास्ते 560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं और परिवारों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने ‘वेत्री मदिगनिनि थिट्टम’ लैपटॉप योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जिससे कॉलेज के छात्रों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों का लाभ मिलेगा। साथ ही, स्कूली शिक्षा के लिए 44,527 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए 8,393 करोड़ रुपये की बड़ी राशि तय की गई है। राज्य के 3,734 स्कूलों को आधुनिक बनाने, ‘सुपर क्लीन, सुपर कैंपस’ पहल के तहत 10,000 स्कूलों में साफ-सफाई और 24×7 सुरक्षा के लिए 139 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण छात्रों के लिए आधुनिक आवासीय ‘पेरुंथलैवर कामराजर मॉडल स्कूल’ बनाने की भी घोषणा की गई है।

युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए सरकार ने 2031 तक तकनीकी संस्थानों के 50,000 छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग देने का फैसला किया है। इसके अलावा, खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए 10 ओलंपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए हज यात्रा की सब्सिडी को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये करने का बड़ा ऐलान किया गया है। शराब बनाने वाली इकाइयों पर विशेष शुल्क लगाकर 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाने और ड्रग-फ्री तमिलनाडु के संकल्प के साथ इस बजट को राज्य के राजनीतिक भविष्य का बड़ा कदम माना जा रहा है।

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