
अयोध्या में श्रावण मास के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि के मौके पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए शुक्रवार रात से शहर में भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा।
प्रशासन का अनुमान है कि 9 से 11 अगस्त के बीच अयोध्या में लाखों की संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
डायवर्जन व्यवस्था करीब 104 घंटे तक प्रभावी रहेगी
यातायात पुलिस के मुताबिक, डायवर्जन व्यवस्था करीब 104 घंटे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के अयोध्या शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी जाएगी। दोपहिया और चारपहिया निजी वाहनों के लिए फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सामान्य वाहनों का आवागमन जारी रहेगा।
अलग-अलग जिलों से आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए
बता दे कि प्रशासन ने अलग-अलग जिलों से आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। सुल्तानपुर, रायबरेली, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर, कानपुर, आगरा और अन्य रूट से आने वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे और वैकल्पिक मार्गों के जरिए निकाला जाएगा।
इसके अलावा अयोध्या-लखनऊ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात सुचारू रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की है।









