
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 पेश किया। इस विधेयक में खनिज खोज और खनन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है।
प्रस्तावित संशोधन के तहत खनन पट्टा धारकों को मौजूदा खनन लीज में अतिरिक्त खनिजों को शामिल करने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य खासतौर पर महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की खोज और विकास को आसान बनाना है।
विधेयक में कहा गया है कि किसी विशेष खनिज के लिए जारी खनन लीज धारक राज्य सरकार से अन्य खनिजों को उसी लीज में शामिल करने का अनुरोध कर सकेगा। लिथियम, ग्रेफाइट, निकेल, कोबाल्ट, सोना और चांदी जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को शामिल करने पर अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना होगा।
सरकार ने खनिज खोज के लिए बनाए गए National Mineral Exploration Trust के दायरे को बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसे National Mineral Exploration and Development Trust के रूप में बदला जाएगा, जो खदानों और खनिजों के विकास के लिए भी वित्त उपलब्ध करा सकेगा।
विधेयक में कैप्टिव खदानों से उत्पादित खनिजों की बिक्री पर मौजूदा सीमा हटाने का प्रस्ताव भी शामिल है। वर्तमान में कैप्टिव खदानें तय शर्तों को पूरा करने के बाद सालाना 50 प्रतिशत तक खनिज बेच सकती हैं।
इसके अलावा गहरे स्थित खनिजों के लिए खनन क्षेत्र बढ़ाने, खनिज एक्सचेंज की स्थापना और उसके नियमन के लिए प्रावधान किए गए हैं। सरकार खनिज एक्सचेंज के रजिस्ट्रेशन, शुल्क, इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियम बनाएगी।









