
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के साधु-संतों को रामलला के दर्शन के लिए एक वर्ष का दर्शन पास जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पहले चरण की मंत्रणा पूरी हो चुकी है। दर्शन पास के स्वरूप, प्रवेश द्वार और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई है। आगामी धर्म समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में प्रारूप का अध्ययन कर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
धर्म समिति के सदस्यों ने पहली वर्चुअल बैठक में अयोध्या के संतों की समस्याओं को ट्रस्टियों के सामने रखा। इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया है। 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक से पहले इस पर निर्णय होने की संभावना है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद संतों में नाराजगी बढ़ गई थी। इसे देखते हुए पहले धर्म समिति में स्थानीय संतों को शामिल किया गया और अब उन्हें रामलला के दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है।
हाल ही में धर्म समिति की बैठक में रामलला के झूलनोत्सव का प्रारूप तैयार किया गया। निर्णय लिया गया कि इस बार तृतीया तिथि से पूर्णिमा तक रामलला का झूलनोत्सव आयोजित होगा। सांस्कृतिक संध्या के लिए बाहरी कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है।
धर्म समिति के एक प्रतिनिधि ने बताया कि यह प्रस्ताव ट्रस्टियों के सामने रखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही यह व्यवस्था लागू हो सकती है। संतों और महंतों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं रामलला के पुजारियों के लिए ड्रेस कोड भी तय किया गया है। अब पुजारी पीले रंग की धोती और उत्तरीय में नजर आएंगे।









