
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल दिलाने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की। सीएम ने कहा कि हवारा पिछले 31 साल से जेल में बंद हैं और उनकी बुजुर्ग मां इस समय अर्ध-बेहोशी की हालत में हैं। ऐसे में उन्हें अपने बेटे से मिलने का आखिरी मौका देने के लिए पैरोल पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए।
क्यों जरूरी है राज्यपाल की सिफारिश?
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि चूंकि हवारा से जुड़ा मामला दिल्ली में लंबित है, इसलिए चंडीगढ़ के प्रशासक होने के नाते राज्यपाल की सिफारिश इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम है। राज्यपाल की सिफारिश के बाद ही केंद्र सरकार पैरोल की अवधि और शर्तों पर अंतिम फैसला लेगी। पंजाब सरकार इस संबंध में पहले भी राज्यपाल को अनुशंसा भेज चुकी है।
‘कानून-व्यवस्था की लेगी पूरी जिम्मेदारी’
सीएम मान ने भरोसा दिलाया कि अगर हवारा को पैरोल मिलती है तो उनके घर लौटने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी गारंटी राज्य सरकार लेगी। उन्होंने कहा कि हवारा के परिवार और समर्थकों ने भी सरकार को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश में कड़ी मेहनत से कायम हुई शांति को भंग नहीं होने दिया जाएगा और इस मामले में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।









