
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने चीनी के आयात पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत दिलाना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सरकार ने देश में आपूर्ति बनाए रखने के लिए 10 लाख टन रॉ शुगर (कच्ची चीनी) के आयात को मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब त्योहारों के सीजन और अन्य कारणों से चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही थी। आयात शुल्क हटाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार से चीनी की खरीद आसान और सस्ती होगी, जिससे घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें नियंत्रित रहने की पूरी संभावना है।
केंद्र सरकार की यह कवायद महंगाई पर लगाम लगाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। घरेलू उत्पादन और मांग के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर इस तरह के कदम उठाए जाते रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से न केवल चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि जमाखोरी और कीमतों में होने वाली अनियंत्रित वृद्धि पर भी रोक लग सकेगी। आम उपभोक्ताओं के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि इससे निकट भविष्य में चीनी के दाम स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए।









