
नेपाल के मध्य क्षेत्र के रसुवा जिले में बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड से कम से कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। The Kathmandu Post के अनुसार, बुधवार दोपहर तक कम से कम 25 लोगों को बचाया जा चुका है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना के जवानों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है, जो 14 हेलीकॉप्टरों की मदद से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। नेपाल-चीन सीमा के पास तिमुरे में तैनात सशस्त्र पुलिस बल के नौ जवान अभी भी लापता हैं। बाढ़ से स्थानीय बाजार क्षेत्रों और सुरक्षा चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों से नदी के तट से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नीचे की ओर बढ़ने के साथ बाढ़ का प्रभाव कम हो सकता है।
नुवाकोट जिले से सामने आए ड्रोन फुटेज में बाढ़ से हुई भारी तबाही दिखाई दे रही है। आपदा का केंद्र पूरी तरह से कट गया है क्योंकि वहां पहुंचने वाली सड़कें बह गई हैं। बाढ़ के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन The Kathmandu Post के मुताबिक नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के अधिकारियों को अनौपचारिक जानकारी मिली है कि तिब्बत में भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता अवरुद्ध हुआ होगा, जिसके बाद पानी का तेज बहाव आया। चीन सीमा से लगे रसुवा जिले से बहने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है।
अधिकारियों के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) बाढ़ ने जिले के मुख्य बाजार क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने ANI को फोन पर बताया कि अचानक आई बाढ़ से स्याफ्रुबेसी सहित बाजार क्षेत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि बाढ़ कुछ समय से जारी है और इससे बस्ती एवं बाजार क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि नुकसान की पूरी जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है।
परियार ने बताया कि क्षेत्र में बारिश नहीं हुई थी और धूप खिली हुई थी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि ऊपर ग्लेशियर फटा है या कोई अन्य कारण है, लेकिन बाढ़ अचानक आई और इससे बस्तियां प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद चितवन समेत पांच जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना के दो हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ और सरकार की प्रतिक्रिया पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है। जिला प्रशासन कार्यालय रसुवा ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।









