
उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक बड़ा प्रशासनिक और प्रोटोकॉल विवाद सामने आया है, जहां राज्य की महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य अधिकारियों के रवैये पर खुलकर भड़क उठीं। उत्तर प्रदेश की पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के एटा दौरे के दौरान उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई जब जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी ने उनके फोन कॉल को नजरअंदाज कर दिया।
BIG BREAKING: एटा में मंत्री के 17 फोन नहीं उठे, DM पर भड़कीं बेबी रानी मौर्य
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) August 27, 2026
प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य के एटा दौरे के दौरान बड़ा प्रोटोकॉल विवाद सामने आ गया है। बेबी रानी पूर्व राज्यपाल भी हैं।
बताया जा रहा है कि एटा पहुंचने से पहले मंत्री ने जिले की… pic.twitter.com/rVfdvevdCu
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एटा पहुंचने से ठीक पहले मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जिले की व्यवस्थाओं और तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (DM) अरविंद सिंह को फोन लगाया था। आरोप है कि मंत्री ने डीएम को लगातार 17 बार कॉल किया, लेकिन एक बार भी फोन रिसीव नहीं किया गया। इतना ही नहीं, अधिकारियों की ओर से बाद में कोई कॉल बैक या जवाब भी नहीं दिया गया, जिससे मंत्री का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
इस गंभीर प्रोटोकॉल चूक से नाराज मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अपने दौरे के दौरान मंच से ही सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक कैबिनेट मंत्री और पूर्व राज्यपाल का फोन अधिकारी नहीं उठा रहे हैं, तो भला आम जनता की शिकायतों पर यहां क्या सुनवाई होती होगी। इस घटना के बाद से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और अफसरशाही के रवैये को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।









