
देशभर में मानसून के मौसम के साथ स्वाइन फ्लू (H1N1) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते 17 दिनों (10 से 27 अगस्त) के भीतर 1268 नए मामले सामने आने के बाद कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 2,612 हो गई है। स्वाइन फ्लू का यह बढ़ता प्रकोप केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात और केरल जैसे कई राज्यों में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
महाराष्ट्र में 21 अगस्त तक 1,109 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें अकेले मुंबई और पुणे से 65 फीसदी मामले शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 364 मामले सामने आने के बाद सभी 75 जिलों के अस्पतालों को निगरानी और अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक 50 वर्षीय महिला की मौत की भी पुष्टि हुई है। मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण फ्लू वैक्सीन की मांग पिछले साल की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के अनुसार, वर्तमान में जांचे जा रहे इन्फ्लुएंजा-ए मामलों में 97 से 98 प्रतिशत स्वाइन फ्लू के हैं। राहत की बात यह है कि देश में कोई नया स्ट्रेन नहीं फैला है, बल्कि यह पुराना और परिचित मौसमी ‘H1N1 pdm09’ वायरस ही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने तथा भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की सलाह दी है।









