
डेस्क : देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में शुमार 34,615 करोड़ रुपये के डीएचएफएल (DHFL) फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ा एक्शन लिया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में ब्रिटेन स्थित एक आलीशान घर को बेचे जाने का खुलासा करते हुए भारत पहुंचे 51.75 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक षड्यंत्र के तहत की गई है, जिससे प्रमोटरों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।
ED की जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी कपिल वधावन की पत्नी वनीता वधावन के नाम पर ब्रिटेन में ‘हर्टमोर हाउस’ (Hurtmore House) नाम की एक आलीशान संपत्ति थी। आरोप है कि इस संपत्ति पर एक कथित फर्जी देनदारी खड़ी करके इसे गिरवी रखा गया और साल 2026 में इसे बेच दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस आलीशान मकान की बिक्री से मिला पैसा इसकी रजिस्टर्ड मालकिन वनीता वधावन के पास जाने के बजाय, भारत स्थित ‘अल जालोर ट्रेडिंग एफजेडई’ (Al Jalore Trading FZE) के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया।
जांच के दौरान जब इस संदिग्ध लेनदेन का पता चला, तो ED ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इसी बैंक खाते में मौजूद करीब 5.41 मिलियन डॉलर यानी लगभग 51.75 करोड़ रुपये को ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) मानते हुए फ्रीज कर दिया। गौरतलब है कि यह पूरा मामला 17 बैंकों के कंसोर्टियम द्वारा डीएचएफएल और उसके प्रमोटर्स को दी गई 42,871.42 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई (CBI) की एफआईआर के अनुसार कुल 34,615 करोड़ रुपये का भारी-भरकम घोटाला सामने आया था।









