
डेस्क : कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने करीब 5600 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों शाहजेब वारिस और सलमान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 65.26 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
बता दे कि पुलिस की जांच में सामने आया कि कानपुर के 14 अलग-अलग बैंकों में खोले गए 72 खातों के जरिए बड़े पैमाने पर लेनदेन किया गया। इन खातों से करीब 5600 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि ठगी की रकम को इन्वेस्टमेंट के नाम पर गेमिंग प्लेटफॉर्म में लगाया जाता था और इसके बाद शेल कंपनियों के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जाता था।
वही जांच के दौरान पुलिस को NCRP पोर्टल पर इन बैंक खातों से जुड़ी 86 साइबर ठगी की शिकायतें भी मिली हैं। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का जाल दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और बिहार समेत देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। 7 से 8 अन्य संदिग्ध पुलिस के रडार पर बताए जा रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ BNS और IT Act की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।









