सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से अस्पताल शेयरों में तगड़ी गिरावट ; कैंसर दवाओं पर 10 गुना मार्जिन पर कोर्ट ने जताई चिंता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एक अहम टिप्पणी के बाद अस्पताल शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। अपोलो और यथार्थ हॉस्पिटल के शेयरों में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों द्वारा कैंसर की दवाओं पर दस गुना ज्यादा मार्जिन लगाने पर गंभीर चिंता जताई और सभी दवाओं पर एक समान 16 प्रतिशत मार्जिन रखने की वकालत की। कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी और अस्पतालों में बिकने वाली दवाओं पर मार्जिन कैप तय होने की आशंका के चलते शेयरों में गिरावट गहरी हो गई।

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि वह अस्पतालों द्वारा अपने ही केमिस्ट से दवाएं खरीदने की अनिवार्यता वाले मामले पर गौर करे। बेंच ने कहा कि इस सिस्टम से आम आदमी को ही नुकसान होता है। जस्टिस मेहता ने कहा, “कैंसर की दवा की MRP 27,000 रुपये है, जबकि इसे रिटेलर्स को 2,700 रुपये में सप्लाई किया जाता है। यह बिल्कुल गलत है।” उन्होंने सवाल किया कि यह फर्क क्यों है और क्यों न हर चीज की MRP पर 16 प्रतिशत मार्जिन रखा जाए।

कॉर्पोरेट अस्पतालों पर सख्त टिप्पणी

बेंच ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, “कॉर्पोरेट अस्पताल किसी को नहीं छोड़ते। वे शव को भी बाहर नहीं ले जाने देते। फार्मा सेक्टर को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।” सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि उन्हें अधिकारियों से बात करनी होगी और वे इस बात से सहमत थे कि इस मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। यह सुनवाई ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के तहत दवाओं की कीमतों के नियमन, जेनेरिक प्रिस्क्रिप्शन और मेडिकल डिवाइस पर कंट्रोल से जुड़ी याचिकाओं पर हो रही थी।

शेयरों में कितनी गिरावट?

कोर्ट की टिप्पणी के बाद 30 सितंबर को सुबह 10:40 बजे अपोलो हॉस्पिटल्स, यथार्थ हॉस्पिटल और मैक्स हेल्थकेयर के शेयर 4 से 6 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहे थे। फोर्टिस हेल्थकेयर, कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और एस्टर डीएम क्वालिटी केयर के शेयरों में क्रमशः 5.2, 3.8 और 4.2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इस दौरान निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1 प्रतिशत नीचे और बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स 2 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा था।

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