
डेस्क : कमर के निचले हिस्से में लंबे समय से दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक नई रिसर्च अहम जानकारी लेकर आई है। कई बार इलाज और कोशिशों के बावजूद पुराने कमर दर्द से राहत नहीं मिलती। अब वैज्ञानिकों ने दर्द से जुड़े दिमाग के एक खास नेटवर्क की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया है। शोध के मुताबिक, क्रोनिक लोअर बैक पेन को समझने और उसके इलाज के लिए दिमाग के ‘डिफॉल्ट मोड नेटवर्क’ को टारगेट करना एक संभावित नया रास्ता हो सकता है।
क्या है दिमाग का डिफॉल्ट मोड नेटवर्क?
डिफॉल्ट मोड नेटवर्क दिमाग का वह हिस्सा है, जो व्यक्ति के अपने बारे में सोचने, अपनी पहचान पर विचार करने और आंतरिक विचारों व भावनाओं पर ध्यान देने जैसी प्रक्रियाओं से जुड़ा होता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि पुराने कमर दर्द से पीड़ित लोगों में शारीरिक गतिविधि के दौरान दर्द महसूस होने पर इस नेटवर्क की सक्रियता महत्वपूर्ण हो सकती है। यह निष्कर्ष इस बात को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकता है कि लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द में केवल शारीरिक लक्षणों पर ध्यान देना हमेशा पर्याप्त क्यों नहीं होता। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कमर का दर्द केवल दिमाग की वजह से होता है या मौजूदा इलाज बेकार हैं।
114 मरीजों पर किया गया शोध
यह अध्ययन ‘ब्रिटिश जर्नल ऑफ एनेस्थीसिया’ में प्रकाशित हुआ। शोध को यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो के शोधकर्ताओं ने किया। टीम ने क्रोनिक कमर दर्द से पीड़ित 114 मरीजों पर लेग रेज टेस्ट किया। इस परीक्षण में पैर उठाने जैसी गतिविधि के जरिए दर्द की प्रतिक्रिया का आकलन किया जाता है।
इसके साथ ही, शोधकर्ताओं ने फंक्शनल एमआरआई तकनीक का इस्तेमाल करके मरीजों के दिमाग में होने वाली गतिविधियों का अध्ययन किया। इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की गई कि शारीरिक गतिविधि के दौरान दर्द महसूस होने पर दिमाग के कौन-से नेटवर्क सक्रिय होते हैं।
पुराने कमर दर्द के इलाज में क्या बदल सकता है?
शोध के निष्कर्ष पुराने कमर दर्द के पीछे काम करने वाली दिमागी प्रक्रियाओं को समझने के लिए नई संभावनाएं खोलते हैं। भविष्य में इस तरह की जानकारी के आधार पर ऐसे उपचारों पर शोध किया जा सकता है, जो दर्द से जुड़ी दिमागी गतिविधियों को ध्यान में रखें।
हालांकि, डिफॉल्ट मोड नेटवर्क को टारगेट करने वाला तरीका अभी एक संभावित दिशा है। इसे पुराने कमर दर्द का प्रमाणित इलाज मानने से पहले इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षा पर और शोध की जरूरत होगी। लगातार कमर दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना और बिना चिकित्सकीय मार्गदर्शन के उपचार बंद न करना जरूरी है।









