
देहरादून: नीट-यूजी (NEET-UG) की स्ट्रे वेकेंसी काउंसलिंग के जरिए एमबीबीएस (MBBS) या बीडीएस (BDS) में दाखिला तलाश रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग के अंतिम चरण के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सीट आवंटित होने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी दाखिला नहीं लेता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ऐसे छात्रों को एक साल के लिए नीट-यूजी की प्रवेश प्रक्रिया से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और उनकी धरोहर (सिक्योरिटी) राशि भी जब्त कर ली जाएगी।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के अनुसार, प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस की रिक्त सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वेकेंसी राउंड की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत अभ्यर्थियों के पास बुधवार शाम पांच बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण, शुल्क भुगतान और पसंदीदा विकल्पों को नए सिरे से चुनने का अंतिम अवसर है। जारी कार्यक्रम के मुताबिक, 22 अक्टूबर को सीट आवंटन किया जाएगा, जबकि चयनित अभ्यर्थियों को 26 अक्टूबर तक आवंटित कॉलेजों में हर हाल में प्रवेश लेना होगा।
नियमों के तहत, पहले के चरणों में सीट न पाने वाले या नए पात्र अभ्यर्थी इसमें हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन किसी अन्य काउंसलिंग में सीट हासिल कर चुके या तीसरे चरण में सीट मिलने के बावजूद प्रवेश न लेने वाले अभ्यर्थी इस राउंड के लिए पात्र नहीं होंगे। आरक्षण का लाभ लेने वालों को आवेदन की अंतिम तिथि से पूर्व के वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को यह सलाह भी दी है कि वे विकल्प चुनने से पहले संबंधित मेडिकल कॉलेजों की फीस, बॉन्ड की शर्तें और सीटों की मान्यता की पूरी पड़ताल अवश्य कर लें।









