
पंजाब में कानून-व्यवस्था और अपराध के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। संगरूर में आयोजित कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ में राहुल गांधी ने दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का जिक्र करते हुए कहा कि जिस सोच के चलते उनकी हत्या की गई थी, वह आज भी पंजाब में मौजूद है। अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने मूसेवाला के पिता को मंच पर बुलाया और उनके परिवार के दर्द का भी जिक्र किया।
मंच से याद किया सिद्धू मूसेवाला से जुड़ा किस्सा
राहुल गांधी ने बताया कि कई साल पहले सिद्धू मूसेवाला उनसे मिलने आए थे। उस समय वह कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे। राहुल के मुताबिक, पहली मुलाकात में उन्हें सिद्धू के गानों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन उनकी प्रतिभा और व्यक्तित्व ने प्रभावित किया था। इसके बाद उन्हें कांग्रेस में शामिल कराया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उस समय महसूस हुआ था कि सिद्धू राजनीति की चुनौतियों को पूरी तरह नहीं समझते हैं। वह एक प्रतिभाशाली गायक थे और अपने काम से आगे बढ़ना चाहते थे। राहुल ने बताया कि वह उनकी शारीरिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से सुरक्षा करने के बारे में सोचते थे।
‘प्रतिभाशाली लोगों को डराया और धमकाया जा रहा’
रैली में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पंजाब में प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने वाले लोगों को डराने और धमकाने का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के साथ जो घटना हुई, वह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं थी, बल्कि उस सोच का उदाहरण थी जिसमें प्रतिभाशाली लोगों को निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि दिनदहाड़े उनकी जान ले ली गई। राहुल ने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा हटाए जाने के बाद यह घटना हुई थी।
सिद्धू के पिता के दर्द का किया जिक्र
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता को संबोधित करते हुए उनके साथ हुई बातचीत याद की। उन्होंने बताया कि जब वह मूसेवाला के परिवार से मिलने गए थे, तब उनके पिता ने बेटे को खोने के दर्द को शब्दों में बयां किया था।
राहुल गांधी ने पिता की उस बात का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि माता-पिता को खोने का दुख अपनी जगह है, लेकिन जिस पिता को अपने बेटे का शव देखना पड़े, उससे बड़ा दर्द कुछ नहीं हो सकता।
पंजाब में नशे और गैंगस्टरवाद पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में राज्य में नशे की समस्या और बढ़ते अपराध का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग्स के फैलाव को लेकर उन्होंने पहले भी चिंता जताई थी, लेकिन उस समय विपक्ष के कई नेताओं ने उनके बयानों पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने रोजगार और उद्योगों की स्थिति को अपराध से जोड़ते हुए कहा कि अगर प्रदेश में फैक्ट्रियां, उद्योग और खेती-किसानी मजबूत नहीं होगी, तो नशे और गैंगस्टरवाद जैसी समस्याएं बढ़ेंगी। उन्होंने राज्य में गोलीबारी और आपराधिक घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई।
2027 के चुनाव से पहले पंजाब में सियासी हलचल
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। कांग्रेस की इस रैली में कानून-व्यवस्था, नशे और अपराध जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुद्दा भी एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
गौरतलब है कि 29 मई 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई आरोपी है, जबकि कनाडा में मौजूद गोल्डी बराड़ पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है।









