
दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में कहा है कि शादी करने के वादे से मुकर जाना हर बार बलात्कार नहीं माना जा सकता है.कोर्ट ने कहा है कि शादी करने के वादे के हर उल्लंघन को झूठा वादा मानना और IPC की धारा 376 के तहत बलात्कार के अपराध के लिए किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाना मूर्खता होगी.
दिल्ली
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) January 31, 2023
➡सुप्रीम कोर्ट से आज की बड़ी खबर
➡शादी करने से मना करना बलात्कार नहीं-SC
➡शादी करने के वादे से मुकर जाना रेप नहीं-SC
➡इसे हर बार बलात्कार नहीं माना जा सकता-SC#Delhi pic.twitter.com/JSAccJdZ8d
जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने बलात्कार के मामले में समवर्ती रूप से दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी करते हुए कहा, कोई भी इस सम्भावना से इनकार नहीं कर सकता है कि आरोपी ने पूरी गंभीरता के साथ उससे शादी करने का वादा किया होगा, और बाद में उसके द्वारा अप्रत्याशित कुछ परिस्थितियों या उसके नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसने उसे अपना वादा पूरा करने से रोका.









