
नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद भवन की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बजाए राष्ट्रपति से कराया जाए। आम आदमी पार्टी (AAP) ने संसद भवन के उद्घाटन के कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
आम आदमी पार्टी से राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने एक ट्वीट करते हुए बताया कि नई संसद का उद्घाटन अकेले राष्ट्रपति को क्यों करना चाहिए? उन्होने कहा कि भारत के संसदीय लोकतंत्र में राष्ट्रपति की स्थिति ऐसी है कि नए संसद भवन का उद्घाटन अकेले राष्ट्रपति को ही करना पड़ता है। राघव चड्ढा ने अपने ट्वीट में राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटन को लेकर 10 बातें सामने रखी हैं।
- भारत का राष्ट्रपति सर्वोच्च पद पर आसीन होता है।
- संविधान के अनुसार राष्ट्रपति राष्ट के प्रमुख हैं।
- हर एक्जीक्यूटिव कार्यवाही राष्ट्रपति के नाम पर की जाती है।
- राष्ट्रपति भारत के प्रथम नागरिक होते हैं। वो भारत की शक्ति, एकता और अखण्डता के प्रतीक हैं।
- राष्ट्रपति और दो सदनों ( लोकसभा और राज्यसभा ) से संसद बना हुआ है।
- सारि एक्सिक्यूटिव पावर राष्ट्रपति में निहित होती है। राष्ट्रपति हर वर्ष सत्र के आरम्भ में सदन को सम्बोधित भी करते हैं।
- दोनों सदनों में पास किया हुआ बिल बिना राष्ट्रपति की अनुमति के बिना अधिनियम नहीं बन सकता।
- प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
- राष्ट्र का प्रमुख होने की वजह से राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के मुकाबले एक ऊंचे पद पर होते हैं, जबकि प्रधानमंत्री केवल कार्यकारी प्रमुख होते हैं।
- सभी पार्टियां संविधान की रक्षा के लिए राष्ट्रपति की तरफ ही देखती हैं, क्योंकि उन्हीने संविधान के रक्षा की शपथ ली हुई है।
Why must the President alone inaugurate the new Parliament?
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) May 24, 2023
1. The President occupies the number one position in the warrant of precedence, followed by the Vice President and the Prime Minister is third.
2. According to the Constitution, President is the Head of the State.
इससे पहले आप सांसद संजय सिंह ने भी एक ट्वीट करते हुए कहा था कि संसद भवन के उदघाटन समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मूर्मू को आमंत्रित न करना उनका घोर अपमान है। ये भारत के दलित आदिवासी व वंचित समाज का अपमान है। मोदी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को आमंत्रित नही करने के विरोध में आम आदमी पार्टी उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी।








