
वाराणसी; 4 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास को लेकर धर्म की नगरी काशी में तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के पश्चात सभी शिवालयों पर जिला प्रशासन के द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वाराणसी में बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रावण मास में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमिश्नरेट पुलिस तैयारी में जुटी हुई है।
इस बार बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए अधिकारियों ने बैठक कर खाका खींच लिया है। मंदिर के साथ 2 महीने तक इस बार चलने वाले सावन मेला क्षेत्र की भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। सावन मेला की तैयारियों में जुटी वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, बढ़ाई जा रही काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा

5 जोन और 12 सेक्टर में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन से होगी निगरानी
शिव की नगरी काशी में श्रावण मास में बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और सावन मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाए जाने को लेकर वाराणसी काशी जोन के डीसीपी आरएस गौतम ने बताया कि 4 जुलाई से 31 अगस्त तक चलने वाले सावन के मेले की पुलिस सुरक्षा को लेकर 5 जोन, 12 सेक्टर और 24 सब सेक्टर में बांटा गया है।

प्रत्येक जोन में एक पुलिस एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी, सेक्टर में डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी और सब सेक्टर में निरीक्षक और उप निरीक्षक रैंक के अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। पुलिस के जवानों के साथ पीएसी और आरएएफ के सुरक्षा के मद्देनजर तैनात किए जा रहे है, साथ ही सिविल में पुलिस के जवानों की तैनाती की जा रही है। वहीं, सावन के सोमवार को विशेष सुरक्षा व्यवस्था होगी, भीड़ को व्यवस्थित करने और निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। जिसके लिए कावड़ियों के रूट पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
वीवीआईपी और सामान्य श्रद्धालुओं के लिए एक नियम…
डीसीपी ने बताया कि श्रद्धालुओं और कावड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख गंगा घाटों पर गंगा नदी में बैरिकेटिंग किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु गहरे पानी में जाकर स्नान न करें। वहीं भीड़ को कंट्रोल करने के लिए यातयात डायवर्जन, पार्किंग की व्यवस्था और रूट पर वाहनों के प्रतिबंधित किए जाने की व्यवस्था किया जा रहा है।

वहीं, डीसीपी आरएस गौतम ने बताया कि श्रद्धालु और वीवीआईपी के लिए बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए गोदौलिया और मैदागिन से मंदिर के लिए चार पहिया और दो पहिया वाहन लेकर जाना प्रतिबंधित रहेगा। जिस दिन भीड़ कम होगी उस दिन की व्यवस्था उसके अनुरूप तय की जाएगी।
रिपोर्ट; नीरज जायसवाल, वाराणसी









