
लखनऊ; आज देश भर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) देश भर में मनाया जा रहा है. मुस्लिम समाज के लोग यह त्योहार हर साल बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाते हैं. यह इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है, आमतौर पर ज़ुलहिज्जा की 10 तारीख को, जो इस्लामिक कैलेंडर का 12वां या आखिरी महीना होता है, इस दिन इसे मनाया जाता है.
बकरीद, बख़रीद, ईद अल-अधा, ईद-उल-जुहा, ईद क़ुर्बान, क़ुर्बान बयारामी, ग्रेटर ईद और ईद-अल-कबीर सहित विभिन्न नामों से जाना जाने वाला, ईद-उल-अजहा बलिदान का त्योहार है जो अल्लाह के प्रति पैगंबर इब्राहिम की इच्छा और भक्ति की याद दिलाता है.
बकरीद “बलिदान का त्योहार” है. मुस्लिम समाज के लोग अच्छे कपड़े पहनते हैं, और सबसे अच्छा भोजन करते हैं. बच्चों के बीच एक और लोकप्रिय रिवाज है…बड़ों से पैसे (जिसे ‘ईदी’ कहा जाता है) और मिठाइयाँ इकट्ठा करना.









