
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने “अपनी बात, अपनों के साथ” नामक नई संवाद श्रृंखला की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कर्मचारियों, साझेदारों और देश के विकास में योगदान देने वाले हर श्रमिक को संबोधित किया और उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की असली शक्ति बताया।
गौतम अदाणी ने कहा कि जीवन एक सतत यात्रा है जिसमें “कल, आज और कल” का संगम होता है। उन्होंने कहा कि अडानी समूह का विकास भी इसी सिद्धांत पर आधारित रहा है, जहां हर अनुभव और हर सीख भविष्य को मजबूत बनाती है। उन्होंने इस पहल का उद्देश्य संगठन के भीतर संवाद को बढ़ाना और पारदर्शिता व भागीदारी को मजबूत करना बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने श्रमिक दिवस को सभी मेहनतकश लोगों का दिन बताते हुए कहा कि जो लोग कठिन परिश्रम में विश्वास रखते हैं और चुनौतियों से नहीं घबराते, यह दिन उन्हीं का है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक तारीख नहीं, बल्कि मेहनत और सपनों को साकार करने की भावना का उत्सव है।
गौतम अदाणी ने अपने व्यक्तिगत जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि 1 मई 1986 को उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति अडानी के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उनकी शादी को 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने इस विशेष दिन पर केदारनाथ धाम में दर्शन कर भगवान शिव से देश की प्रगति और सभी के सुख-शांति की प्रार्थना की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “2047 तक विकसित भारत” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार या किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही पूरा होगा। उन्होंने अडानी समूह को इस राष्ट्रीय यात्रा का हिस्सा बताते हुए इसे अपनी जिम्मेदारी बताया।
अपने भाषण में उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें मुंद्रा पोर्ट, केरल का विजिंजम पोर्ट, कच्छ का खावड़ा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे को विकास और आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह परियोजना लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी और यात्रा को आसान बनाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने धारावी पुनर्विकास परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
गौतम अदाणी ने संगठनात्मक सुधारों पर भी जोर दिया और तीन प्रमुख स्तंभों—3-लेयर मॉडल, पार्टनरशिप मॉडल और लर्निंग एंड डेवलपमेंट—की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को तेज करना, साझेदारों को मजबूत बनाना और कर्मचारियों के कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और कर्मचारियों के लिए स्पष्ट करियर ग्रोथ पथ तैयार किया जाएगा।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि अदाणी समूह के कर्मचारी केवल कर्मचारी नहीं बल्कि “राष्ट्र निर्माता” हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने कार्य को केवल नौकरी नहीं, बल्कि देश निर्माण का एक हिस्सा मानकर आगे बढ़ें।









