
Navratri 2023: जब आस्था करती है प्रतीक्षा तो वो भी आता है जो कभी नही आता, ऐसा ही नजारा शारदीय नवरात्रि में प्रातपगढ़ के बेल्हा देवी मंदिर में देखने को मिल रहा है, श्रद्धालु दूर दराज से मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं, भोर में कपाट खुलते ही भक्तों की लाइन लग रही है जो देर रात तक चलता रहता है।
भक्तगण मां बेल्हा देवी से अपनी मुराद पूरी करने के लिए उनसे आशीर्वाद मांग रहे हैं, इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि माता सती जब जल रही थी और शिव जी उन्हें उठाकर ले जाते समय उनकी बेला इस स्थान पर गिर पड़ा था जिसके कारण इस मंदिर का नाम मां बेल्हा देवी पड़ा।
इसके साथ श्रीराम जी जब अयोध्या से वनवास केलिए निकले थे तो सई के किनारे पूजा किए थे, भरत भी चित्रकूट जाते समय सई के किनारे पूजा कर इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की थी, बेल्हा देवी मंदिर में प्रतापगढ़ जिले के अलावा दूर दराज से भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आते हैं, मनोज पंडा ने बताया कि भक्त आते हैं भंडारा करते है, मां हर मुराद पूरी करती हैं, बच्चों के मुंडन, कानो के छेदन आदि संस्कारो के लिए भी लोग आते हैं।









