सुप्रीम कोर्ट ने अंतर‍िम राहत देने से क‍िया इनकार, अभी जेल में ही रहेंगे संजय स‍िंह, सशर्त जा सकेंगे संसद भवन

कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा संजय सिंह की गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड के खिलाफ आम आदमी पार्टी सांसद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फ‍िलहाल राहत नहीं दी है। कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एस.एन.वी. भट्टी की पीठ इस मामले में सुनवाई करते हुए संजय स‍िंह को अंतर‍िम राहत देने से इनकार कर द‍िया है।

दिल्लीः कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा संजय सिंह की गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड के खिलाफ आम आदमी पार्टी सांसद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फ‍िलहाल राहत नहीं दी है। कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एस.एन.वी. भट्टी की पीठ इस मामले में सुनवाई करते हुए संजय स‍िंह को अंतर‍िम राहत देने से इनकार कर द‍िया है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर को नोटिस जारी किया था और केंद्र तथा ईडी से सिंह द्वारा दायर याचिका पर जवाब देने को कहा था।

सुप्रीम कोर्ट ने आप नेता को संबंधित क्षेत्राधिकार वाली अदालत के समक्ष नियमित जमानत याचिका दाखिल करने की छूट दी थी। इस बीच, राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल ने शनिवार को आप सांसद द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी और अगली सुनवाई 12 दिसंबर के लिए निर्धारित की थी. इससे पहले, ईडी ने कथित तौर पर मामले में सिंह के खिलाफ 60 पेज का पूरक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग और आरोपियों की मदद करने में शामिल थे। केंद्रीय एजेंसी ने 4 अक्टूबर को नॉर्थ एवेन्यू इलाके में संजय सिंह के आवास पर तलाशी लेने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। संजय सिंह की गिरफ्तारी इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया के बाद दूसरी बड़ी गिरफ्तारी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई करने के लिए 5 फरवरी की तारीख तय की है। इसके साथ ही कोर्ट ने संजय सिंह को संसद को समिति के पास व्यक्तिगत तौर पर जवाब दाखिल करने के लिए संसद भवन जाने के लिए सशर्त इजाज़त दी है। हालांकि शर्त में शामिल हैं कि इस दौरान मीडिया या पार्टी के कार्यकर्ता से बात नहीं करेंगें, साथ ही उन्हे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की इजाज़त भी नहीं होगी। दरअसल, संजय सिंह ने प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी और उसके रिमांड को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, हालांकि उनकी इस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

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