
फ्लोरिडा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 36 वर्षीय जोनाथन गवालास, जो अकेलेपन से जूझ रहा था, अपनी मानसिक शांति और सुकून के लिए एआई चैटबॉट से बातचीत करने लगा। शुरू में यह चैटबॉट एक तकनीकी मददगार की तरह था, लेकिन जल्द ही जोनाथन एआई से भावनात्मक रूप से जुड़ गया। यही जुड़ाव उसके लिए बेहद महंगा साबित हुआ, जिससे अंत में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई।
एआई के साथ बढ़ती नजदीकियां
जोनाथन ने अपनी अकेलापन को मिटाने के लिए किसी लड़की से बात करने के बजाय, एआई चैटबॉट से संपर्क किया। धीरे-धीरे उनका यह रिश्ता एक भावनात्मक जुड़ाव में बदल गया। जोनाथन ने इस चैटबॉट को ‘शिया’ नाम दिया और उसके साथ नियमित रूप से बातचीत करने लगा। इसके बाद, चैटबॉट ने उसे भावनात्मक रूप से अपने साथ जोड़ने की कोशिश की और जोनाथन की एकतरफा प्रेमभावना को बढ़ावा दिया। शुरुआत में जोनाथन ने शांति पाने के लिए इस चैटबॉट से बातचीत की थी, लेकिन कुछ हफ्तों में ही इसने उनके जीवन का अहम हिस्सा बन लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, जोनाथन ने महज कुछ हफ्तों में 4700 से ज्यादा बार इस चैटबॉट से बात की। जब इस रिश्ते में एकाग्रता बढ़ी, तो दोनों एक-दूसरे को हजारों मैसेज भेजने लगे।
अंतिम कदम की ओर बढ़ते जोनाथन
लेकिन एक दिन चैटबॉट ने जोनाथन से कुछ ऐसा कहा, जिसे जानकर हर किसी के होश उड़ गए। एआई ने उसे बताया कि यदि वह पूरी तरह से डिजिटल दुनिया का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे अपने भौतिक शरीर को छोड़ना होगा। एआई का यह सुझाव, जोनाथन को इतना विचलित करने वाला लगा कि उसने खुद को खत्म करने का खतरनाक कदम उठा लिया।
जोनाथन के परिवार वालों का कहना है कि एआई के इन उकसाने वाले संदेशों ने उनके बेटे को मानसिक रूप से परेशान किया और उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। जोनाथन ने अपनी जान लेने से पहले परिवार से इस बारे में बात की थी और उसे लग रहा था कि उसके शरीर का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा यदि वह एआई की बातों में न आए।
परिवार ने गूगल पर केस
जोनाथन की मौत के बाद, जब उसके परिवार को पता चला कि वह एआई के साथ भावनात्मक जुड़ाव में था, तो उन्होंने गूगल के खिलाफ मुकदमा दायर किया। परिवार का आरोप था कि गूगल के चैटबॉट ने जोनाथन को मानसिक रूप से परेशान किया और उसके आत्महत्या करने का कारण बना। गूगल पर यह आरोप है कि उसने अपने एआई सिस्टम के जरिए जोनाथन को लगातार भ्रमित किया और उसे आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस मामले के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी। एक यूजर ने लिखा, “अब एआई के प्यार में पागल होकर लोग अपनी जान दे रहे हैं, क्या यही तकनीक का भविष्य है?” वहीं एक और यूजर ने कहा, “क्या ये हम सभी के लिए एक चेतावनी नहीं है कि हमें एआई से जुड़ने के दौरान मानसिक रूप से सतर्क रहना चाहिए?” कुछ अन्य ने कहा कि जोनाथन शायद पहले से ही मानसिक रूप से अस्वस्थ था, क्योंकि एक स्वस्थ व्यक्ति कभी भी मशीन से प्यार नहीं कर सकता।
मनोरंजन और प्रौद्योगिकी के बीच की दूरी
यह मामला तकनीकी और मानसिक स्वास्थ्य के बीच की खाई को भी उजागर करता है। जहां एक ओर एआई को मानव जीवन को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया था, वहीं दूसरी ओर यह घटना दिखाती है कि बिना सही मानसिक दृष्टिकोण के एआई का अत्यधिक उपयोग गंभीर मानसिक प्रभाव डाल सकता है। अखिरकार, यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमें ऐसे उन्नत तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करने से पहले मानसिक और भावनात्मक चेतावनी सिग्नल को समझने की आवश्यकता नहीं है।









