
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हालिया बैठक में कई अहम और चौंकाने वाले फैसले लिए गए हैं। बैठक के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट ने अपने पांच खास संतों को धार्मिक समिति में जगह दी है। इस समिति के चेयरमैन पद की कमान गोविंद गिरि को सौंपी गई है, जबकि गीता कथावाचक को रामानंद संप्रदाय का मुखिया बनाया गया है। संतों की इस नई समिति को लेकर धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दूसरी ओर, बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर ट्रस्ट के भीतर मतभेद की खबरें सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट फिलहाल सीईओ की नियुक्ति करने से बचता नजर आ रहा है। इसके बजाय, मीटिंग में यह विचार किया जा रहा है कि सीईओ की जगह फिलहाल एक ‘सचिव’ की नियुक्ति की जाए।
दिलचस्प बात यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ के पद के लिए देश भर से लगभग 5,200 आवेदन आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ट्रस्ट इस पद को भरने को लेकर असमंजस की स्थिति में है। माना जा रहा है कि मंदिर के प्रशासनिक ढांचे और प्रबंधन को लेकर ट्रस्ट फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है, ताकि किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके। ट्रस्ट के इन फैसलों से मंदिर संचालन की रूपरेखा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।









