गंगा एक्सप्रेस वे को मूर्त रूप देने मे तत्परता से कार्य कर रहा अडानी समूह, उन्नत मशीनों और तकनीकी से लैस दक्ष इंजीनियरो की टीम कार्य में लगी

लखनऊ : मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित 17,000 करोड़ रुपये की लागत की 594 किमी लंबे छह लेन वाला गंगा एक्सप्रेस वे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे है. बदायूं से प्रयागराज तक 464 किमी के निर्माण को अडानी समूह मूर्त रूप दे रहा है. अडानी समूह बदायूं से हरदोई तक 151.7 किमी, हरदोई से उन्नाव तक 155.7 किमी और उन्नाव से प्रयागराज तक 157 किमी के तीन समूहों का निर्माण कर रहा है, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है. उन्नत मशीनों और तकनीकी से लैस कुशल तकनीशियनों से दक्ष इंजीनियरो की टीम एक्सप्रेस वे को मूर्त रूप देने में तत्परता से जुटी है.

गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा. डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) के आधार पर लागू होने वाला यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. अडानी इंटरप्राइजेज उत्तर प्रदेश में छह लेन के एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही है जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. इसकी रियायत की अवधि 30 वर्ष होगी.

“भारत के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का यह टास्क, देश के लिए जटिल, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रबंधन में अडानी समूह की क्षमता और निष्पादन की गति का और सबूत है.” फिलहाल अभी अडानी समूह के पास 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 13 ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनके तहत पांच हजार किमी से ज्यादा की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. जो नौ राज्यों – छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है.

पर्यावरण फ़्रेंडली गंगा एक्सप्रेस-वे 12 जिलों से होते हुए गुजरेगा. ये एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होते हुए प्रयागराज पर समाप्त होगा.

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) भारत के सबसे तेजी से बढ़ते विविध संगठन, अडानी समूह की प्रमुख कंपनी है. एईएल ने उभरते बुनियादी ढांचे के व्यवसायों को विकसित करने, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और उन्हें अलग-अलग सूचीबद्ध संस्थाओं में विभाजित करने पर ध्यान केंद्रित किया है. अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अडानी ट्रांसमिशन, अदाणी पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी टोटल गैस जैसे यूनिकॉर्न का सफलतापूर्वक निर्माण करने के बाद, कंपनी ने रोमांचक व्यवसायों के अपने पोर्टफोलियो के साथ देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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