
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम शनिवार को जारी कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय के 9 फरवरी, 2026 के आदेश के आलोक में जारी इस संशोधित परिणाम में कुल 1,844 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जबकि इससे पहले 2 जुलाई, 2024 को जारी मूल परिणाम में 1,797 अभ्यर्थी ही सफल हुए थे।
पाँच प्रश्नों के उत्तर बदले, दो हटाए गए
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चार माह बाद संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की। इसमें कुल 100 प्रश्नों में से पाँच प्रश्नों के उत्तरों में सुधार किया गया, जबकि दो प्रश्नों को ड्राप कर दिया गया। वहीं, तीन प्रश्नों के सभी विकल्प गलत पाए जाने पर प्रत्येक अभ्यर्थी को प्रति प्रश्न एक-एक अंक देने का निर्णय लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद दो वर्ष पहले 10 मार्च, 2024 को आयोजित हुई इस परीक्षा का संशोधित परिणाम अब जाकर सामने आया।
उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं से प्रभावित होगा परिणाम
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षा झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित सुलोचना कुमारी बनाम झारखंड राज्य और रामेश्वर सिंह बनाम झारखंड राज्य समेत समरूप अन्य वादों के अंतिम फैसले से प्रभावित होगी। साथ ही, परिणाम में किसी भी प्रकार की टंकण या अन्य त्रुटि के संज्ञान में आने पर सुधार का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा। 138 पदों के लिए वर्ष 2023 से चल रही इस चयन प्रक्रिया में अनारक्षित के 60, एसटी के 28, एससी के 12, बीसी-1 के 10, बीसी-2 के 15 और ईडब्ल्यूएस के 13 पद शामिल हैं।









