
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के राज में उत्तर प्रदेश अव्यवस्था और अराजकता की भेंट चढ़ गया है। भाजपा की बहुचर्चित योजनाओं की पोलपट्टी अब जनता के सामने खुलती जा रही है। भाजपा की बड़ी दूकान के फीके पकवान से जनता ऊबती जा रही है। प्रशासनिक ढिलाई, अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार से प्रदेश का राजनैतिक वातावरण प्रदूषित हो चला है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ललितपुर में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी योजना का सही ढंग से कार्यान्वयन नहीं हो पा रहा है। अभी तक 14 गांवों में सामुदायिक शौचालय नहीं बन सके हैं। जो बने भी हैं उनमें बड़े पैमाने पर कमियां उजागर हुई है। स्वच्छ भारत के नाम पर केवल भ्रष्टाचार हुआ है।
गोरखपुर में मरीजों को विशिष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए एम्स की स्थापना की गई। भाजपा सरकार में यह अव्यवस्था का केन्द्र बन गया है। समाजवादी सरकार ने एम्स के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध करायी थी। मुख्यमंत्री जी अपने गृह जनपद में बदइंतजामी के सिवाय कुछ नहीं दे सके है। एम्स में सुविधाओं का अभाव मरीजों पर भारी पड़ रहा है। मरीज को गोद में लेकर तीमारदार ओपीड़ी में बहुत मुश्किल से पहुंच पाते हैं।
देवरिया में मरीजों को मिलने वाले भोजन में भी भ्रष्टाचार की शिकायते हैं। यहां मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं को पानी वाला दूध, पानी वाली सब्जी परोसी जा रही है। गर्भवती महिलाओं की समय से जांच भी नहीं हो रही है। डॉक्टर ओपीडी में समय से नहीं बैठते हैं।
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में सरकारी स्कूलों की बर्बादी नज़र आ रही है। परिषदीय स्कूलों में शौचालय और पीने के पानी के लिए बच्चे परेशान है। मिशन कायाकल्प के नाम पर करोड़ों रूपए फूंकने के बाद भी अव्यवस्था पर रोक नहीं है।
समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोमती नदी की सफाई कराकर शानदार रिवरफ्रंट बनाकर जनता को समर्पित किया था। सन् 2017 में भाजपा सरकार बनते ही राजनैतिक विद्वेषवश गोमती नदी के जल को मैला और गोमती रिवरफ्रंट को बर्बाद कर दिया गया जबकि गोमती रिवरफ्रंट लखनऊ का ऑक्सीजन बैंक है।
भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री जी समझते हैं कि विज्ञापनों और होर्डिंग के जरिए विकास के थोथे दावों से जनता को अनन्तकाल तक गुमराह किया जा सकता है। भाजपाई धोखाधड़ी के कारनामें एक-एक कर जनता के सामने आते जा रहे हैं। जनता से भाजपा सरकार सच्चाई नहीं छुपा सकती है। भाजपा सरकार झूठ और धोखाधड़ी के जवाब देने से बच नहीं सकती।









